पौड़ी। प्रदेश सरकार ने नगर पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम के वित्तीय अधिकार सशर्त बहाल कर दिए हैं। सचिव शहरी विकास ने जिलाधिकारी पौड़ी को बेनाम के वित्तीय अधिकार बहाली का पत्र भेज दिया है। हालांकि इसे बेनाम के लिए फौरी राहत माना जा रहा है। सचिव ने सीटीओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी बनाकर कुछ बिंदुओं पर एक माह के भीतर जांच के निर्देश भी दिए हैं।
नगर पालिका पौड़ी के अध्यक्ष यशपाल बेनाम के वित्तीय अधिकार सरकार ने सितंबर 2017 को पिछले कार्यकाल के दौरान सीज कर दिए थे। गढ़वाल आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त की जांच में बेनाम पर वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। कार्यकाल समाप्त होने के बाद निकाय चुनाव 2018 से ठीक पहले बेनाम भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और वे चुनाव जीत गए। शासन-प्रशासन उनके वित्तीय अधिकार नए कार्यकाल में स्वत: बहाली की बात करता रहा। लेकिन वित्तीय अधिकार का मामला तब सामने आया, जब बेनाम के हस्ताक्षरित बिल मुख्य कोषागार पौड़ी पहुंचे। कोषाधिकारी ने वित्तीय अधिकार का हवाला देते हुए बिलों के भुगतान से इंकार कर दिया। जिला प्रशासन ने शासन से दिशा-निर्देश मांगे। शासन ने नए अग्रिम आदेश तक वित्तीय अधिकारी जिलाधिकारी के पास रहने का निर्देश दिया। शासन ने बेनाम को 24 जनवरी 2019 सुनवाई का एक और अवसर दिया। जिसके बाद अब शासन ने बेनाम के वित्तीय अधिकार सशर्त बहाल कर दिए हैं। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि शासन से पालिकाध्यक्ष पौड़ी के वित्तीय अधिकार बहाली का पत्र मिल गया है। उन्होंने कहा कि शासन ने कुछ बिंदुओं पर मुख्य कोषाधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम गर्ब्याल ने बताया कि निर्धारित समय में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।