पौड़ी। गढ़वाल वन प्रभाग के अलग-अलग हिस्सों में आग जंगलों को जलाकर खाक कर रही है, लेकिन वन विभाग के वनाग्नि पर नियंत्रण के तमाम इंतजाम नजर ही नहीं आ रहे हैं। मुख्यालय के नजदीकी जंगल रेवड़ी व ओड्डा भी आग की चपेट में है। रविवार सुबह से धधकती आग में जंगल राख हो चुके, पर वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
पौड़ी के जंगल धूं-धूं कर जल उठे हैं। आग की चपेट में आए जंगलों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग भले ही लगातार गोष्ठियों के माध्यम से ग्रामीणों को आग बुझाने के प्रशिक्षण दे रहा है, लेकिन गांवों के पास संसाधन उपलब्ध नहीं है। रविवार केे ब्लाक कोट के जंगल जल उठे। यहां धीरेंद्र सिंह रावत का बगीचा भी आग की चपेट में आ गया। ग्रामीणों ने आग पर नियंत्रण की कोशिश तो की, लेकिन वे असफल रहे। इसके अलावा मरगदना, रेवड़ी के जंगलों की आग भी भयावह रूप ले चुकी है। इस पर वन विभाग का तुर्रा देखे तो प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल रेंज लक्ष्मण सिंह ने कहा कि आग लगने की सूचना मिली है और वन विभाग की टीम मौके की रवाना कर दी गई है। ग्रामीण हर्ष सिंह, मनमोद रावत समेत अन्य का कहना है कि वनाग्नि नियंत्रण को लेकर वन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार ही नहीं है। ओड्डा के धीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वनाग्नि की चपेट में आकर उनकी 100 नाली भूमि पर अनार, नीबू, संतरा, माल्टा के दो हजार से अधिक पौधे जल कर खत्म हो गए। उन्होंने वन विभाग को आग लगने की सूचना दी, पर विभाग का एक भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।