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नहीं मिला मुआवजा

Pithoragarh Updated Tue, 23 Jul 2013 05:33 AM IST
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मुनस्यारी। भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माले) ने तहसील प्रशासन पर फल्याटी के आपदा पीड़ितों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कहा कि मुआवजे की रकम के लिए प्रभावितों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें किसी प्रकार की मदद नहीं दी जा रही है। इधर, तहसील प्रशासन फल्याटी के ग्रामीणों पर नुकसान की गलत सूचनाएं देने का आरोप लगा रहा है।
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माले के तहसील सचिव सुरेंद्र सिंह बृजवाल ने बताया कि फल्याटी के ग्रामीणों को फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए पहले 19 जुलाई को तहसील कार्यालय बुलाया गया। इसके बाद ग्रामीणों से 22 जुलाई के दिन आने को कहा गया। जब ग्रामीण सोमवार को यहां पहुंचे तो उन्हें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया। बताया कि ग्रामीणों के यहां आने जाने में 100 रुपये भी अधिक का खर्चा आ रहा है। बृजवाल ने दो दिन के भीतर इस दिशा में उचित कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, तहसीलदार बीएस मेहरा ने बताया कि फल्याटी के ग्रामीणों ने नुकसान की जो भी सूचनाएं दी थी, निरीक्षण के दौरान उसमें कई खामियां पाई गई। इस वजह से मुआवजा रोक दिया गया है।
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