धारचूला। धारचूला क्षेत्र के तीन दर्जन स्कूलों की पढ़ाई पर खराब रास्ते अब भी भारी पड़ रहे हैं। धारचूला में फंसे शिक्षकों को दूरदराज के स्कूलों में भेजने के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता नहीं होने से उच्च हिमालयी क्षेत्रों के 28 स्कूलों की पढ़ाई पर ब्रेक लग गया है। शिक्षक ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में ड्यूटी बजाने को मजबूर हैं।
धारचूला क्षेत्र में ऐलागाड़ से आगे आवाजाही एकदम ठप है। यहां जगह-जगह रास्ते टूटे हुए हैं। ऐसे में इन रास्तों से आवागमन कतई मुमकिन नहीं है। इस वजह से गाला, जिप्ती, जयकोट, पांगला, खेला, पांगू, जुम्मा सहित क्षेत्र के 28 स्कूलों की पढ़ाई अब भी शुरू नहीं हो पा रही है। पांगला राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद का कहना है कि इन स्कूलों के 35 शिक्षकों ने 22 जुलाई से ही ब्लाक संसाधन केंद्र में उपस्थिति दे रहे हैं। विद्यालय को जाने के लिए रास्ता ठीक नहीं है। ऐसे में शिक्षक हेलीकॉप्टर का इंतजार कर रहे हैं।
उधर उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार का कहना है कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता आपदा राहत कार्य का संचालन है। जिसमें फंसे लोगों को निकालने के अलावा राशन को ड्राप करना है। उनका कहना है कि अगर विद्यालय वाले क्षेत्रों में राशन ड्राप किया जाएगा, तो हेलीकॉप्टर से शिक्षकों को भी भेजा जाएगा।