धारचूला (पिथौरागढ़)। बिजली विभाग आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली के लाख दावे कर ले परंतु हकीकत दावों से उलट है। धारचूला नगर को छोड़कर किसी भी आपदा प्रभावित क्षेत्र को दिन में तो छोड़िए रात को भी बिजली नहीं मिल रही है। धारचूला व्यापार मंडल ने बिजली अव्यवस्था के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दे दी है।
धारचूला नगर में भी दिन में बिजली नहीं मिल रही है। शाम को सात बजे बाद केवल नगर में बिजली दी जा रही है। कालिका, गोठी, बलुवाकोट, धामीगांव, चिचुंडा, खोतिला समेत तमाम इलाकों में बिजली के दर्शन ही नहीं हो रहे हैं। इन इलाकों में 24 घंटे में मात्र चार घंटे बिजली मिल रही है। बारिश होते ही बिजली गुल हो जाती है। 17 जून की तबाही के बाद 23 जून को इलाके की बिजली सप्लाई अस्थाई रूप से चालू की गई थी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने किसी भी आपदा प्रभावित इलाके के बिजली से वंचित न होने का दावा किया था लेकिन यह दावा जमीनी हकीकत नहीं बन पाया।
आपदा ने बलुवाकोट को तबाह कर दिया है तो कालिका, गोठी समेत तमाम इलाकों ने गहरे जख्म सहे हैं। अब भी जमीन धंस रही है, नदी में समा रही है। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि राहत शिविर, अस्पताल तक को बिजली नहीं मिल रही है। यही हाल रहा तो बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।