पिथौरागढ़। सोर के शरदोत्सव 2013 की शाम नेपाल के स्टार लोक गायक रामचंद्र काफले और सिंधु मल के नाम रही। सिंधु के गीत झल झली आंखा मा, कस्तो बस्यो माया प्रीति, सक्दीन म बिर्सेन, तिम्रे होयो लै जाउ जोबन गीत पर दर्शक नाच उठे। शनिवार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने किया। छात्रों ने भी मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
रामचंद्र काफले और सिंधु मल ने रात 8.40 बजे मंच संभाला। रात 11.30 बजे तक एक के बाद एक नेपाली गीतों की झड़ी लगाकर दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया। रामचंद्र और सिंधु द्वारा गाए गए गीत ‘छियाछिया भैसक्यो यो छाती, अत्याचार नगर म माथी, पीपल छायामा, लाठीचार्ज नगर मेरो मायामा’ ने हर किसी को रोमांचित कर दिया। काफले के गीत ‘ढलके ना ढलके ना, तेरो रूप को लाली’ पर भी दर्शक झूम उठे। काफले और सिंधु के गीतों पर कई बार दर्शक बेकाबू हो उठे। काफले और सिंधु के गीतों को सुनने के लिए धारचूला, जौलजीबी के साथ ही नेपाल से सटे भारतीय इलाकों से लोग शरदोत्सव में पहुंचे हुए थे। साधना कला मंच नेपाल के कलाकारों के लोकगीत, लोकनृत्य ने लोगों का मन मोहा। इससे पहले स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम मंच में प्रस्तुत किए।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ करते हुए विधायक मयूख महर ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से लोगों का स्वस्थ मनोरंजन होता है। उन्होंने पिथौरागढ़ की जनता से किए वायदे हरहाल में पूरे करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें विरासत में समस्याएं मिली हैं। रई झील निर्माण, पेयजल समस्या का समाधान, नई पार्किंग व्यवस्था के साथ ही बेस अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह लुंठी ने सोर को संस्कृति और मेलों का शहर बताते हुए कहा कि ऊर्जावान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती शरदोत्सव के जरिए लोगों का स्वस्थ मनोरंजन कर रहे हैं। मेलाधिकारी पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने मुख्य और विशिष्ट अतिथि को शाल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।