बिना विद्युत सप्लाई बंद किए लाइनमैन को ट्रांसफार्मर की विद्युत लाइन ठीक करने भेज दिया गया। काम के दौरान करंट लगने से लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया और तेज धमाके के साथ जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां से उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। एम्स के चिकित्सकों ने भी स्थिति गंभीर देख जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल लाइनमैन जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
प्रगति विहार में वन विभाग कार्यालय के पास शुक्रवार को लाइनमैन राजेंद्र कुमार (45) पुत्र सुखपाल निवासी बैराज कॉलोनी ऋषिकेश साथियों के साथ ट्रांसफार्मर की फुंकी लाइन ठीक करने पहुंचे थे। इसी दौरान तेज धमाके के साथ राजेंद्र झटका खाकर जमीन पर गिर पड़े। साथियों ने स्थानीय लोगों की मदद से राजेंद्र को निजी वाहन से राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश पहुंचाया। जहां राजेंद्र की गंभीर हालत देख चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए और एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया। एम्स ले जाने पर चिकित्सकों ने स्थिति संभालने में असमर्थमा जताई। इसके बाद राजेंद्र को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक लाइनमैन के सिर और शरीर के ऊपरी हिस्सों में गंभीर घाव हुए हैं।
विद्युत विभाग की लापरवाही उजागर
ऋषिकेश। लाइनमैन के करंट से झुलसने की घटना से विद्युत विभाग की लापरवाही उजागर हो गई है। अफसरों के पास इस सवाल का पुख्ता जवाब नहीं है कि लाइनमैन को बिना सप्लाई बंद करवाए मरम्मत के लिए किन परिस्थितियों भेजा गया। यदि विद्युत सप्लाई ठप कराई गई थी तो लाइनमैन की सूचना दर्ज कराए बिना बिजली सुचारु कैसे कर दी गई। गौरतलब है कि विद्युत लाइन की मरम्मत के दौरान रजिस्टर में दर्ज कर सप्लाई ठप कराई जाती है। नियमत: स्थान, समस्या और सप्लाई ठप करने का समय दर्ज करना होता है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लाइनमैन को खुद रजिस्टर में दर्ज करना होता है कि कितने बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु की गई। फिलहाल ताजा घटना ने साफ कर दिया है कि नियमों को दरकिनार कर विभाग कार्य जोखिम से खेलता रहा। सूत्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद विभाग ने सबक लेने को तैयार नहीं है।
---
प्रगति विहार स्थित ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ा था। इसी का मरम्मत कार्य लाइनमैन राजेंद्र कुमार शुक्रवार को कर रहा था। उक्त क्षेत्र की सप्लाई तो रोकी गई थी, लेकिन फिर भी करंट कैसे लगा। इसकी जांच की जाएगी।
- अरविंद नेगी, एसडीओ, ऊर्जा विभाग