न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 10:43 AM IST
सरोगेसी के मामले में बच्चा छुपाकर धोखाधड़ी करने के मामले में डीएनए रिपोर्ट से खुलासा हो गया है। रिपोर्ट में बच्चे की असल मां की पहचान हो गई है। अब न्यायालय के आदेश के बाद बच्चा ऋषिकेश निवासी दंपति के सुपुर्द किया जाएगा।
बता दें, जुलाई 2014 में ऋषिकेश निवासी एक दंपति ने सरोगेट मदर से संपर्क किया था। इसके लिए दंपति ने सरोगेट मदर को तीन लाख रुपये भी दिए थे। इसके बाद सरोगेट महिला ने मेरठ के एक निजी अस्पताल में जुड़वा बेटों को जन्म दिया था। सरोगेट महिला ने एक बेटा दंपति को दे दिया और दूसरा बच्चा मृत बताकर टाल दिया। बाद में दंपति को दूसरे बच्चे के जीवित होने की जानकारी हुई।
दंपति ने सरोगेट महिला से संपर्क कर बच्चा देने की बात कही, लेकिन सरोगेट महिला ने बच्चा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दंपति ने सरोगेट महिला को अतिरिक्त रुपये देने की भी बात कही, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद दंपति ने महिला के खिलाफ 2018 में कोतवाली ऋषिकेश में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में दंपति का दावा सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी सरोगेट महिला को बीते 11 मार्च को मेरठ से गिरफ्तार किया था।
सरोगेसी मामले में बच्चे का डीएनए आरोपी सरोगेट महिला सहित ऋषिकेश निवासी दंपति से कराया गया था। डीएनए रिपोर्ट ऋषिकेश निवासी दंपति के पक्ष में आई है। अब न्यायालय के आदेश के बाद बच्चे को उसके असल माता पिता (दंपति) के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
-रितेश शाह, कोतवाल ऋषिकेश