ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। बीटीसी परिसर में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम में शामिल निगम कर्मचारियों की खोखा मालिकों के मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच खूब लात घूंसे चले। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया। नगर आयुक्त के मौके पर पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। चारधाम यात्रा के मद्देनजर प्रशासन की ओर से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। प्रशासन की ओर से बीटीसी परिसर में शुक्रवार को दूसरे दिन भी अवैध खोखों को हटाने की कार्रवाई चली।
दूसरे दिन बीटीसी परिसर में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक टीम जैसे ही पहुंची अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। खोखा मालिकों ने अपने-अपने खोखे जेसीबी से टूटते देख सामान बाहर निकालना शुरू दिया। इस दौरान निगम कर्मचारियों ने खोखा मालिकों का सामान जब्त करना शुरू कर दिया। यह नजारा देख खोखा स्वामी भड़क गये और उनकी कर्मचारियों के साथ बहस हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से लात घूंसे चलने लगे। इस दौरान परिसर में अफरा तफरी का माहौल रहा। नजारा देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद मौके पर पहुंचे नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने निगम कर्मचारियों को सामान निकालने देने के लिए खोखा स्वामियों को छूट देने की बात कही। इसके बाद मामला शांत हुआ।
कैंटीन मालिक ने मांगा सामान निकालने के लिए समय
नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने बताया कि दूसरे दिन बीटीसी परिसर से एक दर्जन से अधिक खोखे जेसीबी से ध्वस्त किए गए हैं। इस दौरान बीटीसी परिसर में संचालित कांजी हाउस की भूमि पर नरेंद्र रतूड़ी की कैंटीन को भी जेसीबी से जैसे ही ध्वस्त करना शुरू किया गया। कैंटीन के मालिक ने डीएम के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि कैंटीन खाली करने के लिए सात दिन का समय मिला हुआ है। इसके बाद कैंटीन मालिक को सामान निकालने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों पर चालान काटने की कार्रवाई भी की गई है। शनिवार को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।