ब्यूरो/अमर उजाला/श्यामपुर।
पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जनकल्याण समिति ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से आईडीपीएल परिसर के आवास पूर्वकर्मियों को ही आवंटित करने की मांग की है। आईडीपीएल के आवासों में 1448 पूर्व कर्मचारियों के परिवार के लगभग 8 हजार लोग रहते हैं।
केंद्रीय मंत्री निशंक व मुख्यमंत्री रावत को भेजे ज्ञापन में जनकल्याण समिति के संरक्षक केसी जोशी, अध्यक्ष पीपी भदोला व सचिव बीके नेगी ने कहा है कि किसी सरकारी संस्थान में कार्य करने के बाद सेवानिवृत्त होने पर कोई भी कर्मचारी छह माह से अधिक नहीं रह सकता है। इसके बाद उसे नोटिस थमा दिया जाता है। आईडीपीएल की स्थिति इसके अलग है। बीके नेगी ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद यहां कर्मचारी करीब एक दशक से रह रहे हैं। यहां के पूर्व कर्मचारी आवास का इतना किराया दे चुके हैं कि बुक वैल्यू भी जीरो हो गई है। इसलिए अब जो कर्मचारी जिस आवास में रहा रहा है उसके नाम पर आवास आवंटित कर देना चाहिए। आईडीपीएल प्रशासन की ओर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों से सामान्य से 10 गुना किराया लिया जाता है। टाउनशिप को निगम में मिलाने को लेकर भी यहां के पूर्व कर्मचारी मेयर से मिले थे। उन्होंने भी इस दिशा में कार्रवाई आश्वासन दिया था। 1448 परिवारों के लगभग 8 हजार लोग यहां रह रहे हैं। इसके अलावा आईडीपीएल बंद होने की स्थिति में दो शॉपिंग सेंटर के करीब 500 लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।