ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। विमानन कंपनी जेट एयरवेज की हवाई सेवाएं बंद होने का असर दिखाई देने लगा है। एक ओर एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों में भारी कमी आ गई है वहीं, टैक्सियों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। अब विमानन कंपनी के कर्मचारी ऊहापोह की स्थिति में आ गए हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर कंपनी के करीब 20 कर्मचारी तैनात थे, जोकि सेवाएं बंद होने के बाद अब सकते में हैं। विमानन कंपनी के कर्मचारियों की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उनकी समस्याओं का संज्ञान लेने का अनुरोध किया जा रहा है। पर्यटक सीजन शुरू हो चुका है। जेट एयरवेज की सेवाएं बाधित होने के कारण चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ने की संभावना है।
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एयरपोर्ट टैक्सी व्यावसाय से जुड़े संजय चमोली ने बताया कि हवाई सेवाएं बंद होने से काम पर असर पड़ा है। गौरतलब है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट से जेट एयरवेज की पांच दिल्ली और एक- एक गुवाहाटी और मुंबई के लिए फ्लाइट संचालित करता था। मौजूदा समय के दौरान सभी हवाई सेवाएं बंद होने से नुकसान का असर दिखाई देने लगा है। देहरादून के लिए जेट एयरवेज का क्या विकल्प होगा इसका इंतजार हो रहा है।