ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को हिदायत दी है कि दोबारा अतिक्रमण करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अभियान के दौरान अतिक्रमण न हटाने वालों का सामान भी नगर निगम जब्त कर अपने साथ ले गया, जबकि कुछ दुकानदारों के चालान भी काटे गए हैं।
मंगलवार को नगर निगम की दो टीमें पुलिस बल के साथ शहर की सड़कों पर पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए निकली। एक टीम देहरादून रोड पर कर अधीक्षक निशांत अंसारी के नेतृत्व में तो दूसरी टीम ने तहसीलदार रेखा आर्य के नेतृत्व में हरिद्वार रोड पर जेसीबी के साथ अतिक्रमण को हटाना शुरू किया। इस दौरान टीम को लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। टीम ने अतिक्रमणकारियों की एक नहीं सुनी और जेसीबी से अतिक्रमण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।
नजारा देख अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई। लोगों ने टूट फूट से बचने के लिए अपना अतिक्रमण खुद ही समेटना शुरू कर दिया। कई स्थानों पर अतिक्रमण नहीं हटाने वाले लोगों का सामान नगर निगम की टीम ने जब्त कर लिया, जिसे निगम कार्यालय में रखा गया है। तहसीलदार रेखा आर्य ने बताया कि चार धाम यात्रा के दौरान सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव अधिक होता है। ऐसे में अतिक्रमण होने से जाम की समस्या बनती है। समस्या के समाधान के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है। निशांत अंसारी ने बताया कि शहर वासियों को अतिक्रमण नहीं करने के बाबत जागरूक भी किया जा रहा है। इसके लिए निगम का वाहन शहर में मुनादी करने में लगा है।
रसूखदारों को छोड़ा, गरीबों पर कार्रवाई का आरोप
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सड़कों के किनारे दुकान चलाने वाले लोगों ने प्रशासन पर उन्हें बेरोजगार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन रसूखदारों पर कार्रवाई करने से पीछे हट जाता है और गरीबों के रोजगार छीनने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई करता है। इस मामले में डीएम देहरादून एसए मुरुगेशन का कहना है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि दुकानदारों पर कार्रवाई करने से पहले सड़कों के किनारे अतिक्रमण करने वालों को हटाना जरूरी है। इसके बाद चिह्नित अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। किसी के साथ भेदभाव की नीति नहीं अपनाई जाएगी।