कोतवाली क्षेत्र के मुंडियाकी गांव में जमीन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर सेवानिवृत्त लेखपाल और अन्य लोगों पर षड्यंत्र रचकर जालसाजी करने और कूट रचित दस्तावेज तैयार करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित डॉ. मधु सिंह ने तहरीर देकर बताया कि मुंडियाकी गांव में खसरा नं. 345 की भूमि को लेकर अनिता मिश्रा, मनोरमा शर्मा, राज कुमार मिश्रा, हर्षवर्धन और सेवानिवृत्त लेखपाल सुरेंद्र कुमार ने मिलीभगत की। आरोप है कि अनिता मिश्रा के नाम पर कोई भूमि शेष न होने के बावजूद, उन्होंने जानते हुए भी 273.23 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा 10 जून 2015 को मनोरमा शर्मा के पक्ष में कर दिया।
इस पूरे खेल में लेखपाल सुरेंद्र कुमार (वर्तमान में सेवानिवृत्त) ने सांठ-गांठ कर अवैध रूप से दाखिल-खारिज भी करा दिया। बाद में न्यायालय की प्रक्रिया के तहत इस दाखिल-खारिज को निरस्त कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने अधिवक्ता के सहयोग से षड्यंत्र रचा और अनिता मिश्रा के फर्जी हस्ताक्षर कर शपथ-पत्र व अन्य दस्तावेज तैयार किए।
इन कूट रचित कागजातों का इस्तेमाल कर पीड़िता को नुकसान पहुंचाने और स्वयं अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की गई। तहसीलदार रुड़की के न्यायालय की ओर से भी इस संबंध में आदेश पारित किए गए हैं। डॉ. मधु सिंह ने सीओ (मंगलौर) अभिनय चौधरी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की कि उक्त पांचों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। कोतवाल भगवान सिंह मेहर ने बताया कि सीओ मंगलौर के आदेश पर आरोपी अनिता मिश्रा, मनोरमा शर्मा, राजकुमार मिश्रा, हर्षवर्धन और तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल सुरेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।