नई टिहरी। असेना खनन पट्टे के कारोबारियों के अरमानों पर जिला प्रशासन ने पानी फेर दिया है। असेना में पत्थरों का खनन शुरू करने के लिए कारोबारी तैयारियाें में जुटे हुए हैं। स्टोन क्रशर लगाने के लिए भूमि समतलीकरण का कार्य चल रहा है। क्रशर के कुछ पार्ट असेना पहुंच चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने यह कहकर मामला अधर में लटका दिया कि पहले स्टोन क्रशरों की समीक्षा होगी। असेना खनन मामले में घनसाली विधायक भीम लाल आर्य का चुप्पी साध लेने पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
निर्माणाधीन टिहरी बांध की 1000 मेगावाट की पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) के लिए असेना से पत्थर और रेत की सप्लाई होनी है। टीएचडीसी के नाम असेना में खनन का पट्टा स्वीकृत है, लेकिन असेना गांव के लोग खनन शुरू होने से पहले विस्थापन की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पिछले दो साल से खनन शुरू नहीं हो पा रहा है। घनसाली विधायक असेना के लोगों के समर्थन में कई बार धरने पर बैठे, लेकिन अब विधायक ने मामले में मौन साध लिया है। असेना गांव सोबत राम, विमला देवी का कहना है कि जब तक उनका विस्थापन नहीं हो जाता, वे खनन शुरू नहीं होने देंगे।
असेना में खनन की अनुमति अभी नहीं दी गई है। पहले स्टोन क्रशरों की समीक्षा की जा रही है। अलकनंदा घाटी में जहां भी क्रशर लगे हैं, उनसे पर्यावरण को होने वाले नुकसान का अध्ययन भी किया जा रहा है। अध्ययन के उपरांत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-युगल किशोर पंत, डीएम टिहरी
असेना में खनन होने का कोई मतलब नहीं है। कुछ काम वहां जरूर चल रहा है। खनन की अनुमति नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री से बात हो चुकी है।
-भीमलाल आर्य, विधायक घनसाली