बैंक की पास बुक या फिर डीबीटीएल योजना में अलग-अलग नाम दर्ज करने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एक समान नाम व पता नहीं मिलने वाले लोग डीबीटीएल योजना से बाहर हो जाएंगे। इससे सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी भी गैस उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाएगी।
अब तक लाखों उपभोक्ता डीबीटीएल योजना का लाभ उठा रहे हैं। सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी उनके सीधे खाते में आ रही है। काशीपुर इंडेन गैस एजेंसी में करीब 30 हजार उपभोक्ता हैं। जिनमें से 25 हजार लोग ही डीबीटीएल योजना में शामिल हुए हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी उपभोक्ता हैं, जिनकी डीबीटीएल फार्म जमा करने के बाद भी सब्सिडी खाते में नहीं आ रही हैं। इससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुमाऊं मंडल विकास निगम के अफसरों के अनुसार बैंक खाता, पहचान पत्र, राशन कार्ड व आधार कार्ड में कई लोगों के नाम अलग-अलग पाए गए हैं। निक नेम का भी फार्म में प्रयोग किया गया है। प्रपत्रों में एक समान नाम व पता गलत होने से कंप्यूटर ऑनलाइन नहीं ले पा रहा है। इससे लोग डीबीटीएल योजना में शामिल नहीं हो पा रहे हैं और उपभोक्ताओं की सब्सिडी उनके खातों में नहीं आ रही है। कुंडेश्वरी रोड स्थित इंडेन गैस एजेंसी में ही 85 लोग ऐसे हैं, जिनके प्रपत्रों पर अलग-अलग नाम और पता भी एक जैसा नहीं है। इसी के चलते उन उपभोक्ताओं को सब्सिडी से हाथ धोना पड़ रहा है।