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त्रिशंकु

अनुराग अमन

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न पास आ सके तेरे न तुझसे दूर हैं हम
        
                                                    
                            
हवा का एक झोंका बस...
न वो मेरा न उसके हम...
की तब मेरी हकीकत वो जमी होगी जो नीचे है
मैं वो हूँ जो हवा से खेलता था रक़्स करता इश्क़ करता था
और अब
हवा के हाथ में है सब
मेरा गिरना, ठहरना, रक़्स करना साथ रहना सब..
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4 वर्ष पहले
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