Bihar News: बिहार में जनजातीय क्षेत्रों में होगी मैराथन, विजेताओं को मिलेगा एक लाख तक इनाम; CM सम्राट का एलान
बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के उत्थान के लिए कई बड़े एलान किए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
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पटना में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों के शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिरसा लिब्स इन न्यू भारत’ थीम के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब एक लाख चार हजार अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। इनमें चार हजार 155 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। वहीं प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिला, जिनमें एक लाख 41 हजार अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में वन क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में वन क्षेत्र का दायरा अब 15 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और इसे 17 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मैराथन में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले को क्या मिलेगा?
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता आयोजित कराने की घोषणा भी की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 75 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने वाल्मीकिनगर और कैमूर में हेलीपोर्ट बनाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। उन्होंने आदिवासी इलाकों में होम स्टे योजना को बढ़ावा देने की भी बात कही, ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को करीब से समझ सकें और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
थरूहट विकास योजना के तहत 180 करोड़ रुपये के काम कराए गए
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम चंपारण में थरूहट विकास योजना के तहत 180 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। वहीं कैमूर के अधौरा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने भी संबोधित किया।