Bihar News: 3.10 लाख लंबित म्यूटेशन के लिए तारीख तय, CO को संभलकर करना होगा काम; डीएम को क्या आदेश?
बिहार में लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्ती दिखाई है। सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और इसकी रोजाना मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
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बिहार सरकार ने राज्यभर में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के निष्पादन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर डिफेक्ट चेक स्तर पर अटके करीब 3.10 लाख आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों और अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं। सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 के तहत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का जल्द निपटारा आवश्यक माना गया है।
'आम लोगों को परेशान नहीं किया जाए'
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मामूली तकनीकी त्रुटियों के आधार पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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'आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण'
राजस्व एवं भूमि सुधार ने निर्देश दिया है कि राजस्व कर्मचारी आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करें और केवल छोटी या तकनीकी वजहों से आवेदनों को वापस न करें। सभी लंबित मामलों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही विभाग ने एक नया प्रावधान भी लागू किया है। अब यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी आवेदन को त्रुटिपूर्ण चिह्नित करता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा उस त्रुटि की अनिवार्य जांच की जाएगी। यदि जांच में त्रुटि अनुचित पाई जाती है तो आवेदन सीधे आवेदक को वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित कर्मचारी को दोबारा भेजा जाएगा ताकि आवेदन स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।