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Bihar News : डीटीओ कार्यालय में चल रहा था रिश्वत का खेल, निगरानी टीम ने प्रधान लिपिक सहित दो को दबोचा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Krishan Ballabh Narayan
Updated Fri, 29 May 2026 06:37 PM IST
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सार
Bihar : निगरानी टीम सुबह से ही डीटीओ कार्यालय में घुम रही थी। उनकी नजर प्रधान लिपिक और एक एजेंट पर थी। तभी अचानक टीम ने चारों तरफ से दोनों को अचानक दबोच लिया।
निगरानी टीम की गिरफ्त में हेड क्लर्क और एजेंट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बेगूसराय डीटीओ कार्यालय के प्रधान लिपिक संजय और उनके एक एजेंट शिवानंद को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों को गाड़ी का ट्रांसफर कराने के एवज में 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। लिपिक को उसके कार्यालय कक्ष से और एजेंट को व्यवहार न्यायालय के दक्षिणी गेट के पास से गिरफ्तार किया गया।
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वाहन ट्रांसफर के नाम पर मांगी थी रिश्वत
इस मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो टीम का कहना है कि निगरानी टीम ने बताया कि चेरिया वरियारपुर थाना क्षेत्र के सकरौली गांव निवासी सत्यम कुमार ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके वाहन का मालिकाना हक हस्तानांतरण के एवज में जिला परिवहन कार्यालय के क्लर्क संजय कुमार द्वारा ₹6,000 की रिश्वत की मांग की जा रही है।
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सत्यापन में आरोप सत्य पाया गया
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले की गुप्त तरीके से जांच कराई। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के सबूत सही पाए गए। इसके बाद 27 मई को निगरानी थाने में केस दर्ज किया गया और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस उपाधीक्षक रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। फिर निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही पीड़ित ने आरोपी को रुपए दिए, टीम ने छापेमारी कर बड़ा बाबू संजय और एजेंट शिवानंद को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।