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Biz Updates: बिजली मांग बढ़ने के बाद भी कोयला उत्पादन घटा, रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व एमडी गिरफ्तार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Tue, 02 Jun 2026 08:20 AM IST
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बिजली की मांग बढ़ने के बावजूद कोल इंडिया का कोयला उत्पादन मई, 2026 में सालाना आधार पर 11.6 फीसदी बढ़कर 5.61 करोड़ टन रह गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का कोयला उत्पादन 6.35 करोड़ टन रहा था। वहीं, अप्रैल-मई में उत्पादन 10.6 फीसदी घट गया। हालांकि, कंपनी ने उत्पादन में गिरावट का कारण नहीं बताया।
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राजकोषीय घाटा- 4.4 फीसदी का लक्ष्य हासिल
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर लिया है। लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा पहले 15,68,936 करोड़ अनुमानित था। इसे संशोधित कर 15,58,492 करोड़ किया गया था। बीते वित्त वर्ष सरकार ने 33.42 लाख करोड़ का राजस्व संग्रह किया, जो संशोधित बजट अनुमान का 98.8 फीसदी है। कुल खर्च 49.64 लाख करोड़ रहा।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर लिया है। लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा पहले 15,68,936 करोड़ अनुमानित था। इसे संशोधित कर 15,58,492 करोड़ किया गया था। बीते वित्त वर्ष सरकार ने 33.42 लाख करोड़ का राजस्व संग्रह किया, जो संशोधित बजट अनुमान का 98.8 फीसदी है। कुल खर्च 49.64 लाख करोड़ रहा।
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विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां तीन महीने के शीर्ष पर
घरेलू मांग, नए ऑर्डर में वृद्धि और बुनियादी ढांचे पर खर्च के दम पर विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां मई, 2026 में तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। कच्चे तेल में उछाल के कारण उपजी महंगाई के दबाव के बीच एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधन सूचकांक (पीएमआई) बीते माह 55 पहुंच गया, जो अप्रैल में 54.7 था। पीएमआई का यह आंकड़ा विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार का संकेत है और पिछले तीन महीनों में सबसे मजबूत सुधार को दर्शाता है। सर्वे के मुताबिक, मई में कंपनियों को फरवरी के बाद सबसे तेजी से नए ऑर्डर मिले और उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (इंडिया) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ईरान संकट के बीच लागत बढ़ने के बाद भी कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद बढ़ाई। घरेलू बाजार ने विनिर्माण वृद्धि को सर्वाधिक समर्थन दिया, जबकि निर्यात ऑर्डरों में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत धीमी रही। इनपुट महंगाई अप्रैल के मुकाबले कुछ कम रही।
घरेलू मांग, नए ऑर्डर में वृद्धि और बुनियादी ढांचे पर खर्च के दम पर विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां मई, 2026 में तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। कच्चे तेल में उछाल के कारण उपजी महंगाई के दबाव के बीच एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधन सूचकांक (पीएमआई) बीते माह 55 पहुंच गया, जो अप्रैल में 54.7 था। पीएमआई का यह आंकड़ा विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार का संकेत है और पिछले तीन महीनों में सबसे मजबूत सुधार को दर्शाता है। सर्वे के मुताबिक, मई में कंपनियों को फरवरी के बाद सबसे तेजी से नए ऑर्डर मिले और उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (इंडिया) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ईरान संकट के बीच लागत बढ़ने के बाद भी कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद बढ़ाई। घरेलू बाजार ने विनिर्माण वृद्धि को सर्वाधिक समर्थन दिया, जबकि निर्यात ऑर्डरों में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत धीमी रही। इनपुट महंगाई अप्रैल के मुकाबले कुछ कम रही।
ऊर्जा क्षेत्र में सुस्ती से औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार घटकर 4.9%
पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा क्षेत्र के सुस्त प्रदर्शन के कारण देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल, 2026 में सालाना आधार पर घटकर 4.9 फीसदी रह गई। अप्रैल, 2025 में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार 5.7 फीसदी थी। हालांकि, मार्च, 2026 के 3.2 फीसदी की तुलना में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा है। यह आधार वर्ष में संशोधन कर 2011-12 से 2022-23 किए जाने के बाद औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का पहला आंकड़ा है। वस्तुओं की संशोधित सूची में 1,042 उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें 463 मद समूहों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें 120 नए मद समूह शामिल हैं। यह आईआईपी के आधार वर्ष में 10वां संशोधन है। पहला आईआईपी 1937 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया था। बयान के मुताबिक, अप्रैल, 2026 में चार क्षेत्रों खनन-उत्खनन, विनिर्माण, बिजली-गैस आपूर्ति और जल आपूर्ति, दूषित जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन की वृद्धि क्रमशः (-) 5.1 फीसदी, 6.2 फीसदी, 4.9% और 6.6 फीसदी रही।
पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा क्षेत्र के सुस्त प्रदर्शन के कारण देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल, 2026 में सालाना आधार पर घटकर 4.9 फीसदी रह गई। अप्रैल, 2025 में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार 5.7 फीसदी थी। हालांकि, मार्च, 2026 के 3.2 फीसदी की तुलना में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा है। यह आधार वर्ष में संशोधन कर 2011-12 से 2022-23 किए जाने के बाद औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का पहला आंकड़ा है। वस्तुओं की संशोधित सूची में 1,042 उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें 463 मद समूहों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें 120 नए मद समूह शामिल हैं। यह आईआईपी के आधार वर्ष में 10वां संशोधन है। पहला आईआईपी 1937 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया था। बयान के मुताबिक, अप्रैल, 2026 में चार क्षेत्रों खनन-उत्खनन, विनिर्माण, बिजली-गैस आपूर्ति और जल आपूर्ति, दूषित जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन की वृद्धि क्रमशः (-) 5.1 फीसदी, 6.2 फीसदी, 4.9% और 6.6 फीसदी रही।
रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व एमडी गिरफ्तार
केंद्रीय जांच (सीबीआई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े 2,929 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी के मामले में हुई है। ईडी की जांच के सिलसिले में अमिताभ पहले से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में थे। सीबीआई पेशी वारंट पर उन्हें मुंबई ले गई, जहां सोमवार को अदालत में पेशकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
केंद्रीय जांच (सीबीआई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े 2,929 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी के मामले में हुई है। ईडी की जांच के सिलसिले में अमिताभ पहले से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में थे। सीबीआई पेशी वारंट पर उन्हें मुंबई ले गई, जहां सोमवार को अदालत में पेशकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक गबन मामले में रियल स्टेट कारोबारी गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से 645 करोड़ रुपये के गबन मामले में तीसरी बड़ी गिरफ्तारी की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोपी को चार दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से 645 करोड़ रुपये के गबन मामले में तीसरी बड़ी गिरफ्तारी की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोपी को चार दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है।