सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jagadguru Rambhadracharya hits back at Charandas Mahant statement issues an open challenge in Manendragarh

मनेंद्रगढ़: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने चरणदास महंत के बयान पर पलटवार किया, दी खुली चुनौती

अमर उजाला नेटवर्क, मनेंद्रगढ़ Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 27 May 2026 04:56 PM IST
विज्ञापन
सार

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु नहीं मानने वाले बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने महंत को खुली चुनौती देते हुए अपने जगद्गुरु होने का पूर्ण परीक्षण करने को कहा।

Jagadguru Rambhadracharya hits back at Charandas Mahant statement issues an open challenge in Manendragarh
जगद्गुरु रामभद्राचार्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु नहीं मानने वाले बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने महंत को खुली चुनौती देते हुए अपने जगद्गुरु होने का पूर्ण परीक्षण करने को कहा। यह बयान चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में श्री रामकथा के नौवें दिन व्यासपीठ से दिया गया।



जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने जगद्गुरु होने का मूल कारण बताया। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु के लिए तीन ग्रंथों का भाष्य लिखना अनिवार्य है। सभी अखाड़े इस नियम का समर्थन करते हैं और वह सभी कसौटी पर खरे उतरते हैं। रामभद्राचार्य ने कहा कि महंत को "मिर्च लग रही है"। उन्होंने यह भी कहा कि जो राम जी से प्रेम करेगा, उसे उनका आशीर्वाद मिलेगा। रामभद्राचार्य ने महंत को वह दिन याद दिलाया जब निहत्थे रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने पूछा कि जब वे रामजन्मभूमि के लिए महीनों जेल में थे, तब महंत ने क्या किया। उन्होंने महंत पर देश को गर्त में ले जाने और देश का विभाजन करवाने का आरोप भी लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


महंत पर गंभीर आरोप
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने चरणदास महंत पर देश को टुकड़ों में बंटवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जोगी थोड़े अच्छे थे, लेकिन उनके बाद के लोग असभ्य हैं। संतों के बारे में कैसे बोला जाता है, इसका उन्हें सामान्य ज्ञान तक नहीं है। रामभद्राचार्य ने प्रतिपक्ष नेता को फिर से खुली चुनौती दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसे ही जगद्गुरु नहीं हैं।
विज्ञापन
Trending Videos


अपनी योग्यता का बखान
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपनी योग्यता बताते हुए कहा कि वह 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकते हैं। उन्होंने अपनी विद्वत्ता और ज्ञान का प्रमाण प्रस्तुत किया। व्यासपीठ से दी गई उनकी नसीहत और चुनौती को भक्तों ने "जय श्री राम" के नारों से विस्तार दिया। भक्तों ने जगद्गुरु के वाणी का जोरदार समर्थन किया। यह घटनाक्रम राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed