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पत्थर में सैकड़ों पेड़ उगाकर किया हैरान
रायपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 14 Jan 2013 04:23 PM IST
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छत्तीसगढ़ में पत्थरों पर पेड़ उगाकर इच्छाशक्ति और मेहनत से असंभव कार्य को संभव बनाने का सराहनीय उदाहरण सामने आया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी के पास महासमुंद वनमंडल ने 15 एकड़ पथरीली जमीन पर 936 पौधे लगाकर सभी को हैरान कर दिया है।
रायपुर के महासमुंद मार्ग पर स्थिति कौंदकेरा गांव में महासमुंद वन मंडल के अंतर्गत यहां वन विभाग का एक बड़ा क्षेत्र है। यहां की पथरीली जमीन पर पेड़ लगाकर उसका बखूबी इस्तेमाल किया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना के तहत चौदह लाख की लागत से इस क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है।
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इस क्षेत्र की जगह पथरीली व चट्टानी होने से हरियाली बहुत कम है। ऐसे में वन विभाग के सामने इस पथरीली जमीन के इस्तेमाल की समस्या थी। तब कुछ अधिकारियों ने इस जमीन पर पौधे लगाने की योजना बनाई। यहां ऐसे पौधे लगाने की योजना बनी जो पर्यावरण को बनाने में महत्वपूर्ण होते हैं और जिनकी जड़ें मजबूत हों ताकि पत्थरों को भी तोड़ सकें। बरगद, पीपल या डूमर के पेड़ इसके अनुकूल थे।
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फिर इन पेड़ों को लगाने के लिए 15 एकड़ जमीन पर सबसे पहले 20-20 फीट की दूरी पर 3-3 फीट के गड्ढे किए गए। इनमें पहले गोबर खाद, रेत और कनहर मिट्टी डाली गई और जुलाई 2011 में 936 पौधे लगाए गए। पौधे लगाने के बाद सबसे बड़ी मुश्किल यह आई की इन पथरीली चट्टानों पर पौधों के लिए हर मौसम में पानी कैसे उपलब्ध कराया जाये।
पानी देने के लिए वन विभाग ने एक अनोखा तरीका अपनाया और सभी पौधों के साथ एक-एक मटका रखा। हर मटके के नीचे एक छोटा सा छेद और उसमें रूई की बाती रखी, ताकि लगातार पेड़ों को एक-एक बूंद पानी मिलता रहे और आसपास की जमीन गीली रहे। आज सात महिनों के बाद भी सभी 936 पौधे जीवित हैं और धीरे-धीरे बडे़ हो रहे हैं।