महिलाओं को बंपर रोजगार दिलाएगी सरकार की ये योजना, सुविधाएं भी होंगी अपार
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कैबिनेट से जल्द ही इस नीति को मंजूरी दिलाने की तैयारी है। हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एंड गार्मेंटिंग पॉलिसी-2017 के अंतर्गत उद्योग की स्थापना करने वाले एससी, एसटी, महिला व नि:शक्त वर्ग के उद्यमी को सामान्य लोगों को ब्याज पर मिलने वाली सब्सिडी के अलावा 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी।
शर्त यह होगी कि ऐसी यूनिट में इन वर्गों के लोगों की कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सेदारी हो। इसके अलावा यूपी मूल के एससी, एसटी, महिला, बीपीएल वर्ग के लोगों को रोजगार के अतिरिक्त अवसर मिलें, इसके लिए सरकार स्टेट जीएसटी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करेगी। इसके लिए शर्त ये है कि संबंधित यूनिट पश्चिमांचल में 1000 तथा बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्यांचल में 750 लोगों को रोजगार दे रही हों।
यह लाभ उन यूनिटों को मिल सकेगा जो कुल श्रमिकों में 25 प्रतिशत बीपीएल या 50 प्रतिशत महिला या 25 प्रतिशत एससी-एसटी वर्ग के कर्मियों को नौकरी देंगे। सरकार ने तमाम दूसरे उद्योगों की तरह स्टांप ड्यूटी, स्टेट जीएसटी, इलेक्ट्रिीसिटी ड्यूटी से छूट, ब्याज सब्सिडी, कैपिटल सब्सिडी, वर्किंग कैपिटल सब्सिडी, ईपीएफ रिम्ब्रेसमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर इंट्रेस्ट में छूट जैसी तमाम सुविधाओं व सहूलियतों का प्रस्ताव किया है।
इसके अलावा मेगा व सुपर मेगा प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। सरकार ने सुपर मेगा प्रोजेक्ट को केस टू केस आधार पर अतिरिक्त सुविधाएं देने पर विचार का विकल्प खुला रखा है।
2000 विद्यार्थियों को 500 रुपये महीने छात्रवृत्ति
नीति में टेक्सटाइल, हैंडलूम, पावरलूम से जुड़े व्यावसायिक विषयों की पढ़ाई करने वाले 2000 विद्यार्थियों को 500 रुपये महीने छात्रवृत्ति देने का प्रस्ताव है। यह छात्रवृत्ति हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को दी जाएगी। वहीं, इनसे जुड़े पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराने वाले कॉलेजों को पांच-पांच लाख रुपये अनुदान देने का भी प्रस्ताव है। इससे वे नए हथकरघा व इससे जुड़ी सहायक सामग्री खरीद सकेंगे।
फैजाबाद, सीतापुर, गोरखपुर में खास प्रोत्साहन
सरकार गारमेंट सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए गोरखपुर, वाराणसी, फैजाबाद, सीतापुर, अलीगढ़, कानपुर व हापुड़ में प्राथमिकता पर इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलप करेगी। वहां कारोबार के लिए ‘रेडी टू यूज’ स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी। वहां रोड, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज निस्तारण, पीने के पानी और बिजली आपूर्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
एक्सप्रेस-वे पर बनेंगे टेक्सटाइल पार्क
नई नीति के अंतर्गत प्रदेश में बड़ी संख्या में टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है। प्राइवेट सेक्टर के सहयोग स्पेशल परपज व्हीकल का गठन कर न्यूनतम 25-25 एकड़ भूखंड पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाएगा। सरकार ऐसे पार्कों की स्थापना पर केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं के अलावा तमाम इन्सेंटिव देगी। लखनऊ-कानपुर, कानपुर-इलाहाबाद, कानपुर-दिल्ली, चित्रकूट-झांसी-ललितपुर, वाराणसी-इलाहाबाद, दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-मुरादाबाद, बरेली-मुरादाबाद-बिजनौर, मेरठ-नजीबाबाद, गोरखपुर-वाराणसी और गोरखपुर-फैजाबाद हाईवे पर टेक्सटाइल पार्क बनाने की योजना है। अन्य एक्सप्रेस-वे पर भी ये पार्कस्थापित किए जा सकते हैं।
ये सुविधाएं भी मिलेंगी
- परिधान सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए इससे जुड़ी मेगा व सुपर मेगा इकाई को प्रति कर्मी 3200 रुपये प्रतिमाह रोजगार सृजन सब्सिडी।
- स्टाफ क्वार्टर, स्टाफ हॉस्टल, डारमेट्रीज और टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करने पर वार्षिक ब्याज की 60 प्रतिशत प्रतिपूर्ति। यह सुविधा सात साल तक दी जा सकेगी। इसके अलावा जमीन की खरीद पर स्टांप ड्यूटी पर शत-प्रतिशत छूट।
- इन उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाते हुए तमाम अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी।
कानून-व्यवस्था न बने चुनौती
निवेशकों को कानून-व्यवस्था की चुनौती का न सामना करने पड़े, इसके लिए ‘निवेशक पुलिस मित्र’ (फ्रेंड ऑफ द इन्वेस्टर) पदनाम से एक अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। यह डिप्टी एसपी रैंक का होगा।