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Delhi NCR News: बाथरूम में होने के वजह से आग में फंस गए पूर्व आईएएस, धुएं से घुट गया था दम
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पूर्व आईएएस अधिकारी मौत का मामला-
- बेटे के डिस्चार्ज होने के बाद किया जाएगा पूर्व आईएएस धनेंद्र कुमार गर्ग का पोस्टमार्टम
-6 जून को था आईएएस का जन्मदिन, चल रही थी तैयारियां, 30 को भी था समोराह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पहले अध्यक्ष और पूर्व आईएएस धनेंद्र कुमार गर्ग बाथरूम में होने के वजह से आग में फंस गए थे। जब वह बाथरूम से बाहर निकले तो आग काफी फैल चुकी थी और चारों तरफ धुंआ ही धुंआ था। जैसे ही वह बाथरूम से निकले धुंआ उनको परेशान करने लगा और वह सांस के साथ धुंआ भी अंदर खीचने और वह बेहोश हो गए थे। इसी कारण से उनकी मौत हुई है। घटना उनके 80वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले हुई, जबकि परिवार 30 मई को एक समारोह की तैयारी कर रहा था।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुधवार रात लगी इस आग में उनका बेटा गौरव भी गंभीर रूप से झुलस गया, जो जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से लंदन से आया था। हरियाणा कैडर के 1968 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी कुमार विश्व बैंक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुके थे। हौज खास एन्क्लेव स्थित उनके घर में बुधवार देर रात आग लगने के बाद धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामला दर्ज किया : पुलिस के अनुसार बेटा गौरव अभी अस्पताल में भर्ती है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, 6 जून को कुमार का 80वां जन्मदिन था और उससे पहले 30 मई को रिश्तेदारों तथा करीबी परिचितों के लिए एक पारिवारिक समारोह था।
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घटना के समय सोने की तैयारी कर रहे थे : पूर्व नौकरशाह धनेश कुमार के पिछले 14 वर्षों से प्रबंधक रहे अभिषेक रंजन ने बताया कि रात के भोजन के बाद सभी लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। बेटा गौरव अपने कमरे में था, जबकि वह बाथरूम में थे। मैडम बैठक कक्ष में थीं। सबसे पहले घर के दो कर्मचारियों ने आग देखी। रंजन के अनुसार आग की शुरुआत संभवतः एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट से हुई। सबसे पहले पर्दों में आग लगी और फिर उसके नीचे रखा सोफा जलने लगा। इसके बाद आग बहुत तेजी से भूतल पर फैल गई। रंजन ने बताया कि घरेलू कर्मचारियों ने व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाली कुमार की पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कुमार को बाथरूम में होने के कारण आईएएस को आग का पता नहीं चल पाया। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, धुएं का तेज गुबार अंदर चला गया। धुआं अंदर जाते ही वह बेहोश हो गए। उन्हें घर से बाहर खींचकर निकालना पड़ा। गौरव भी धुएं से भरे घर में अपने पिता को खोजने के दौरान गंभीर रूप से प्रभावित हुआ।
बेटा पिता की तलाश कर रहा था : पड़ोस में काम करने वाले रमेश सिंह ने बताया कि कुमार का बेटा घने धुएं के बीच अपने पिता को तलाश रहा था। शुरुआत में धुएं के कारण अधिकारी का पता नहीं चल सका। बाद में वह बेहोशी की हालत में मिले और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कुमार के एक पड़ोसी ने बताया कि नियमित गश्त पर निकले एक रात्रि प्रहरी ने आग देखी और पड़ोसियों को सूचना दी, जिसके बाद लोग आग बुझाने में मदद के लिए पहुंचे।
करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया था : दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के अनुसार बुधवार रात 11.24 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर भेजी गई दो दमकल गाड़ियों ने रात 12.20 बजे तक यानि करीब 56 मिनटों में आग पर काबू पा लिया। दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कुमार और उनके बेटे को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया था। उपचार के दौरान कुमार की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा अब भी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने कहा कि मामले में किसी तरह की साजिश की आशंका नहीं है और घर के विद्युत तंत्र की जांच की जा रही है।
एक बेटी अमेरिका में रहती है : कुमार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और अमेरिका में रहने वाली एक बेटी को छोड़ गए हैं। रंजन ने कुमार को संवेदनशील और अनुशासित व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह कर्मचारियों के साथ भी परिवार जैसा व्यवहार करते थे।
बेटे के डिस्चार्ज होने के बाद होगा पीएम : दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूर्व नौकरशाह का बेटा गौरव 48 घंटे की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। उसे जब अस्पताल से छुट्टी मिलेगी तभी धनेश कुमार के शव का पोस्टमार्टम होगा। साथ ही उनकी छोटी बेटी भी दिल्ली आ जाएगी।
- बेटे के डिस्चार्ज होने के बाद किया जाएगा पूर्व आईएएस धनेंद्र कुमार गर्ग का पोस्टमार्टम
-6 जून को था आईएएस का जन्मदिन, चल रही थी तैयारियां, 30 को भी था समोराह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पहले अध्यक्ष और पूर्व आईएएस धनेंद्र कुमार गर्ग बाथरूम में होने के वजह से आग में फंस गए थे। जब वह बाथरूम से बाहर निकले तो आग काफी फैल चुकी थी और चारों तरफ धुंआ ही धुंआ था। जैसे ही वह बाथरूम से निकले धुंआ उनको परेशान करने लगा और वह सांस के साथ धुंआ भी अंदर खीचने और वह बेहोश हो गए थे। इसी कारण से उनकी मौत हुई है। घटना उनके 80वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले हुई, जबकि परिवार 30 मई को एक समारोह की तैयारी कर रहा था।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुधवार रात लगी इस आग में उनका बेटा गौरव भी गंभीर रूप से झुलस गया, जो जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से लंदन से आया था। हरियाणा कैडर के 1968 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी कुमार विश्व बैंक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुके थे। हौज खास एन्क्लेव स्थित उनके घर में बुधवार देर रात आग लगने के बाद धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
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पुलिस ने मामला दर्ज किया : पुलिस के अनुसार बेटा गौरव अभी अस्पताल में भर्ती है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, 6 जून को कुमार का 80वां जन्मदिन था और उससे पहले 30 मई को रिश्तेदारों तथा करीबी परिचितों के लिए एक पारिवारिक समारोह था।
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बेटा पिता की तलाश कर रहा था : पड़ोस में काम करने वाले रमेश सिंह ने बताया कि कुमार का बेटा घने धुएं के बीच अपने पिता को तलाश रहा था। शुरुआत में धुएं के कारण अधिकारी का पता नहीं चल सका। बाद में वह बेहोशी की हालत में मिले और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कुमार के एक पड़ोसी ने बताया कि नियमित गश्त पर निकले एक रात्रि प्रहरी ने आग देखी और पड़ोसियों को सूचना दी, जिसके बाद लोग आग बुझाने में मदद के लिए पहुंचे।
करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया था : दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के अनुसार बुधवार रात 11.24 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर भेजी गई दो दमकल गाड़ियों ने रात 12.20 बजे तक यानि करीब 56 मिनटों में आग पर काबू पा लिया। दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कुमार और उनके बेटे को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया था। उपचार के दौरान कुमार की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा अब भी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने कहा कि मामले में किसी तरह की साजिश की आशंका नहीं है और घर के विद्युत तंत्र की जांच की जा रही है।
एक बेटी अमेरिका में रहती है : कुमार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और अमेरिका में रहने वाली एक बेटी को छोड़ गए हैं। रंजन ने कुमार को संवेदनशील और अनुशासित व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह कर्मचारियों के साथ भी परिवार जैसा व्यवहार करते थे।
बेटे के डिस्चार्ज होने के बाद होगा पीएम : दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूर्व नौकरशाह का बेटा गौरव 48 घंटे की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। उसे जब अस्पताल से छुट्टी मिलेगी तभी धनेश कुमार के शव का पोस्टमार्टम होगा। साथ ही उनकी छोटी बेटी भी दिल्ली आ जाएगी।