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Noida News: हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से निर्यातकों को बड़ी राहत
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- शिपमेंट समय और लागत घटने की उम्मीद, कारोबार व रोजगार को मिल सकती है नई रफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से गौतमबुद्ध नगर के निर्यातकों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई महीनों से वैश्विक तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा के कारण निर्यात कारोबार प्रभावित हो रहा था। अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा समुद्री मार्ग सुचारु होने की खबरों से उद्योग जगत में सकारात्मक माहौल बना है।
निर्यातकों का कहना है कि हॉर्मुज मार्ग खुलने से माल ढुलाई की लागत कम होगी और शिपमेंट समय पर गंतव्य तक पहुंच सकेगी। पहले जहां कुछ शिपमेंट को वैकल्पिक मार्गों के कारण लंबा समय लग रहा था, वहीं अब आपूर्ति श्रृंखला में सुधार की उम्मीद है। इससे गारमेंट, ऑटो पार्ट्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लेदर उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। जिले से बड़ी मात्रा में इन उत्पादों का निर्यात अमेरिका और यूरोपीय देशों में किया जाता है। उद्यमियों के अनुसार बीते महीनों में वैश्विक तनाव के कारण कच्चे माल और परिवहन लागत में लगातार वृद्धि हुई थी। इससे उत्पादन लागत बढ़ी और निर्यातकों का मुनाफा प्रभावित हुआ। कई छोटे और मध्यम उद्योगों को भी कारोबार बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब समुद्री व्यापार सामान्य होने से लागत कम होने और नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
रोजगार और कारोबार को मिलेगा सहारा-
उद्योग संगठनों का मानना है कि निर्यात गतिविधियों में तेजी आने से उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गौतमबुद्ध नगर पहले से ही प्रदेश के प्रमुख निर्यात जिलों में शामिल है। ऐसे में कारोबार में सुधार से जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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महंगाई पर भी पड़ सकता है असर-
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने से कच्चे तेल, गैस और अन्य आयातित वस्तुओं की उपलब्धता बेहतर होगी। इससे आने वाले समय में परिवहन लागत और महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
कोट्स-
तनाव कम होने से शिपमेंट व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। -राजीव बंसल, सदस्य, फियो
कच्चे माल की लागत घटने से उद्योगों को बड़ी राहत मिल सकती है। -कुलदीप गोयल, निर्यातक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से गौतमबुद्ध नगर के निर्यातकों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई महीनों से वैश्विक तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा के कारण निर्यात कारोबार प्रभावित हो रहा था। अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा समुद्री मार्ग सुचारु होने की खबरों से उद्योग जगत में सकारात्मक माहौल बना है।
निर्यातकों का कहना है कि हॉर्मुज मार्ग खुलने से माल ढुलाई की लागत कम होगी और शिपमेंट समय पर गंतव्य तक पहुंच सकेगी। पहले जहां कुछ शिपमेंट को वैकल्पिक मार्गों के कारण लंबा समय लग रहा था, वहीं अब आपूर्ति श्रृंखला में सुधार की उम्मीद है। इससे गारमेंट, ऑटो पार्ट्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लेदर उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। जिले से बड़ी मात्रा में इन उत्पादों का निर्यात अमेरिका और यूरोपीय देशों में किया जाता है। उद्यमियों के अनुसार बीते महीनों में वैश्विक तनाव के कारण कच्चे माल और परिवहन लागत में लगातार वृद्धि हुई थी। इससे उत्पादन लागत बढ़ी और निर्यातकों का मुनाफा प्रभावित हुआ। कई छोटे और मध्यम उद्योगों को भी कारोबार बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब समुद्री व्यापार सामान्य होने से लागत कम होने और नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
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रोजगार और कारोबार को मिलेगा सहारा-
उद्योग संगठनों का मानना है कि निर्यात गतिविधियों में तेजी आने से उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गौतमबुद्ध नगर पहले से ही प्रदेश के प्रमुख निर्यात जिलों में शामिल है। ऐसे में कारोबार में सुधार से जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
महंगाई पर भी पड़ सकता है असर-
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने से कच्चे तेल, गैस और अन्य आयातित वस्तुओं की उपलब्धता बेहतर होगी। इससे आने वाले समय में परिवहन लागत और महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
कोट्स-
तनाव कम होने से शिपमेंट व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। -राजीव बंसल, सदस्य, फियो
कच्चे माल की लागत घटने से उद्योगों को बड़ी राहत मिल सकती है। -कुलदीप गोयल, निर्यातक