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Karnal News: 134 करोड़ की जीएसटी चोरी से लेकर 155 करोड़ के बैंक घोटाले तक, फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर कारोबारी अशोक मित्तल
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134 करोड़ की जीएसटी चोरी से लेकर 155 करोड़ के बैंक घोटाले तक, फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर कारोबारी अशोक मित्तल
दो साल पहले ईडी कर चुकी है गिरफ्तारी, अब बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घर-ऑफिस पर छापेमारी
करनाल में रिश्तेदारों की दुकानों तक पहुंची जांच एजेंसियां, बाजार में दिनभर बनी रही चर्चा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। 155.21 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को हुई ईडी की कार्रवाई के बाद शहर के लकड़ी कारोबारी अशोक मित्तल एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। मंगलवार सुबह सेक्टर-13 स्थित आवास और लक्कड़ मार्केट स्थित कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद शहर में दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। इस बीच दो वर्ष पहले सामने आए 134 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी चोरी प्रकरण की भी चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं, जिसमें अशोक मित्तल की गिरफ्तारी तक हुई थी।
जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियां पहले भी अशोक मित्तल से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच कर चुकी हैं। शिकायतकर्ता एवं सीएचडी सिटी निवासी ज्वेलर अनिल अरोड़ा का दावा है कि गुजरात में करीब 134 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में कार्रवाई के दौरान अशोक मित्तल को लगभग दो वर्ष पहले पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह कई महीनों तक जेल में रहे और बाद में जमानत पर रिहा हुए।
जीएसटी चोरी मामले में हुई थी संपत्तियों की नीलामी
शिकायतकर्ता के अनुसार जीएसटी बकाया की रिकवरी के लिए अशोक मित्तल की संपत्तियों को भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। आरोप है कि सेक्टर-13 स्थित जिस मकान की नीलामी हुई, उसे रिश्तेदार सौरभ ढींगरा ने करीब 1.89 करोड़ रुपये में खरीदा। शहर में यह मामला उस समय भी काफी चर्चा में रहा था।
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अब 155 करोड़ के बैंक घोटाले में फिर कार्रवाई
मंगलवार को ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा, दिल्ली और गोवा के 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। करनाल में अशोक मित्तल के घर और कार्यालय पर कई घंटों तक दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।
आरोप है कि विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में कथित अनधिकृत संशोधन कर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स सहित बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
रिश्तेदारों की दुकानों तक पहुंची टीम, बाजार में मची हलचल
मंगलवार की कार्रवाई के दौरान करनाल के व्यापारिक क्षेत्रों में भी हलचल देखने को मिली। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि जांच एजेंसियों के अधिकारी कर्ण गेट मार्केट और सराफा बाजार में स्थित अशोक मित्तल के कुछ रिश्तेदारों की दुकानों तक भी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि एजेंसियों के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद संबंधित दुकानदार दुकानें बंद कर वहां से चले गए।
बाजार में दिनभर इसको लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
कई संपत्तियों और कारोबारी नेटवर्क की जांच पर फोकस
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब केवल बैंक घोटाले तक सीमित नहीं हैं बल्कि उससे जुड़े कारोबारी नेटवर्क, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। करनाल के अलावा अन्य राज्यों में मौजूद कारोबारी संपर्कों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
दो साल पहले ईडी कर चुकी है गिरफ्तारी, अब बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घर-ऑफिस पर छापेमारी
करनाल में रिश्तेदारों की दुकानों तक पहुंची जांच एजेंसियां, बाजार में दिनभर बनी रही चर्चा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। 155.21 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को हुई ईडी की कार्रवाई के बाद शहर के लकड़ी कारोबारी अशोक मित्तल एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। मंगलवार सुबह सेक्टर-13 स्थित आवास और लक्कड़ मार्केट स्थित कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद शहर में दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। इस बीच दो वर्ष पहले सामने आए 134 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी चोरी प्रकरण की भी चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं, जिसमें अशोक मित्तल की गिरफ्तारी तक हुई थी।
जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियां पहले भी अशोक मित्तल से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच कर चुकी हैं। शिकायतकर्ता एवं सीएचडी सिटी निवासी ज्वेलर अनिल अरोड़ा का दावा है कि गुजरात में करीब 134 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में कार्रवाई के दौरान अशोक मित्तल को लगभग दो वर्ष पहले पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह कई महीनों तक जेल में रहे और बाद में जमानत पर रिहा हुए।
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जीएसटी चोरी मामले में हुई थी संपत्तियों की नीलामी
शिकायतकर्ता के अनुसार जीएसटी बकाया की रिकवरी के लिए अशोक मित्तल की संपत्तियों को भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। आरोप है कि सेक्टर-13 स्थित जिस मकान की नीलामी हुई, उसे रिश्तेदार सौरभ ढींगरा ने करीब 1.89 करोड़ रुपये में खरीदा। शहर में यह मामला उस समय भी काफी चर्चा में रहा था।
अब 155 करोड़ के बैंक घोटाले में फिर कार्रवाई
मंगलवार को ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा, दिल्ली और गोवा के 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। करनाल में अशोक मित्तल के घर और कार्यालय पर कई घंटों तक दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।
आरोप है कि विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में कथित अनधिकृत संशोधन कर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स सहित बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
रिश्तेदारों की दुकानों तक पहुंची टीम, बाजार में मची हलचल
मंगलवार की कार्रवाई के दौरान करनाल के व्यापारिक क्षेत्रों में भी हलचल देखने को मिली। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि जांच एजेंसियों के अधिकारी कर्ण गेट मार्केट और सराफा बाजार में स्थित अशोक मित्तल के कुछ रिश्तेदारों की दुकानों तक भी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि एजेंसियों के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद संबंधित दुकानदार दुकानें बंद कर वहां से चले गए।
बाजार में दिनभर इसको लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
कई संपत्तियों और कारोबारी नेटवर्क की जांच पर फोकस
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब केवल बैंक घोटाले तक सीमित नहीं हैं बल्कि उससे जुड़े कारोबारी नेटवर्क, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। करनाल के अलावा अन्य राज्यों में मौजूद कारोबारी संपर्कों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।