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Mandi News: जलशक्ति विभाग के पेयजल स्रोत सूखे, ग्रामीण इलाकों में बढ़ा जल संकट
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मई में पारा चढ़ जाने से लांगधार और छौ नाले में पानी 40 फीसदी हो गया कम
दस से अधिक गांवों में पानी की किल्लत
तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मांग के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में जलशक्ति विभाग के प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की आवक 30 से 40 प्रतिशत तक घटने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। लांगधार और छौ नाले में जलस्तर बेहद कम होने के कारण बटधार, मनारू, कमेहड़, रोपी, समोहन और छौ क्षेत्रों में पानी की कटौती करनी पड़ी है। इससे तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मांग के अनुरूप पानी नहीं मिल पा रहा और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लडभड़ोल क्षेत्र में पंडोल से लेकर लांगणा तक 16 पंचायतों में पेयजल आपूर्ति उठाऊ योजनाओं के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, चौंतड़ा के बजगर खड्ड तथा जोगिंद्रनगर की गुगली और रणा खड्ड में पानी की आवक घटने से संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है। लगातार बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के चलते जलशक्ति विभाग के तीनों सब-डिवीजनों के पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
जलशक्ति विभाग उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुछ पेयजल योजनाओं को आपस में जोड़कर जलापूर्ति बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। उधर, शहरी क्षेत्र के फेगडू नाले में भी जलस्तर कम हुआ है, हालांकि फिलहाल पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है।
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मई में बढ़ती गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी का स्तर घटा है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में पानी की कटौती करनी पड़ी है। उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ट्यूबवेल और हैंडपंपों का सहारा लिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पानी की कटौती की गई है, वहां विभाग की कई टीमें फील्ड में सक्रिय हैं, ताकि लोगों को पेयजल संकट से ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े। -शेखर कटोच, अधिशाषी अभियंता, जलशक्ति विभाग डिवीजन (चौंतड़ा), जोगिंद्रनगर।
दस से अधिक गांवों में पानी की किल्लत
तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मांग के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में जलशक्ति विभाग के प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की आवक 30 से 40 प्रतिशत तक घटने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। लांगधार और छौ नाले में जलस्तर बेहद कम होने के कारण बटधार, मनारू, कमेहड़, रोपी, समोहन और छौ क्षेत्रों में पानी की कटौती करनी पड़ी है। इससे तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मांग के अनुरूप पानी नहीं मिल पा रहा और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लडभड़ोल क्षेत्र में पंडोल से लेकर लांगणा तक 16 पंचायतों में पेयजल आपूर्ति उठाऊ योजनाओं के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, चौंतड़ा के बजगर खड्ड तथा जोगिंद्रनगर की गुगली और रणा खड्ड में पानी की आवक घटने से संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है। लगातार बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के चलते जलशक्ति विभाग के तीनों सब-डिवीजनों के पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
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जलशक्ति विभाग उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुछ पेयजल योजनाओं को आपस में जोड़कर जलापूर्ति बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। उधर, शहरी क्षेत्र के फेगडू नाले में भी जलस्तर कम हुआ है, हालांकि फिलहाल पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है।
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मई में बढ़ती गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी का स्तर घटा है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में पानी की कटौती करनी पड़ी है। उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ट्यूबवेल और हैंडपंपों का सहारा लिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पानी की कटौती की गई है, वहां विभाग की कई टीमें फील्ड में सक्रिय हैं, ताकि लोगों को पेयजल संकट से ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े। -शेखर कटोच, अधिशाषी अभियंता, जलशक्ति विभाग डिवीजन (चौंतड़ा), जोगिंद्रनगर।