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नीट पेपर लीक: शरद पवार का बड़ा बयान, कहा- कृत्रिम बुद्धिमत्ता से रुकती धांधली; तंत्र में बदलाव बेहद जरूरी
पीटीआई, पुणे।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 06 Jun 2026 04:00 PM IST
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सार
नीट पेपर लीक मामले पर शरद पवार ने कहा है कि परीक्षा में एआई और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से इस धांधली को रोका जा सकता था। उन्होंने मामले की जांच संभाल रहे अधिकारी को ईमानदार बताते हुए दो महीने में सुधार दिखने का दावा किया, जबकि सीबीआई इस मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियां कर चुकी है।
शरद पवार, एनसीपी-एसपी प्रमुख
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश में नीट परीक्षा को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने इस संकट को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। पुणे में शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान पवार ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) के संचालन में यदि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का सही समय पर इस्तेमाल किया गया होता, तो आज यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।
एआई और तकनीक से बच सकता था पेपर लीक
शरद पवार ने कहा कि इस पूरे घोटाले को तकनीक की मदद से रोका जा सकता था। जब उनसे पूछा गया कि क्या एआई के उपयोग से नीट घोटाला टल सकता था, तो उन्होंने जवाब दिया कि अगर यह काम पहले ही कर लिया गया होता, तो आज देश के सामने यह नौबत ही नहीं आती। पवार ने एआई को लेकर कहा कि आज कृषि से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक, हर क्षेत्र में इसके जरिए बड़े बदलाव आ रहे हैं। हमें हर क्षेत्र में एआई को अपनाने के प्रयास तेज करने चाहिए।
यह भी पढ़ें: CJP का प्रदर्शन: कॉकरोच जनता पार्टी की वो पांच मांगें जिन पर खड़ा है आंदोलन, जानें आखिर क्या चाहते हैं युवा
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जांच अधिकारी की ईमानदारी पर जताया भरोसा
एनटीए के मौजूदा घटनाक्रम पर बात करते हुए शरद पवार ने किसी का नाम लिए बिना एक वरिष्ठ अधिकारी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को संभालने की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति को सौंपी गई है, वह अतीत में उनके साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले दो महीनों के भीतर उनके काम के परिणाम सबके सामने दिखने लगेंगे।
बता दें कि तीन मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है, जिसने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब यह दोबारा परीक्षा 21 जून को होने जा रही है। विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एनटीए में बड़े प्रशासनिक बदलाव करते हुए अनुजा बापट (आईएसएस) और रुचिरा विज (आईआरएस) को नया संयुक्त सचिव नियुक्त किया है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
एआई और तकनीक से बच सकता था पेपर लीक
शरद पवार ने कहा कि इस पूरे घोटाले को तकनीक की मदद से रोका जा सकता था। जब उनसे पूछा गया कि क्या एआई के उपयोग से नीट घोटाला टल सकता था, तो उन्होंने जवाब दिया कि अगर यह काम पहले ही कर लिया गया होता, तो आज देश के सामने यह नौबत ही नहीं आती। पवार ने एआई को लेकर कहा कि आज कृषि से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक, हर क्षेत्र में इसके जरिए बड़े बदलाव आ रहे हैं। हमें हर क्षेत्र में एआई को अपनाने के प्रयास तेज करने चाहिए।
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एनटीए के मौजूदा घटनाक्रम पर बात करते हुए शरद पवार ने किसी का नाम लिए बिना एक वरिष्ठ अधिकारी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को संभालने की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति को सौंपी गई है, वह अतीत में उनके साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले दो महीनों के भीतर उनके काम के परिणाम सबके सामने दिखने लगेंगे।
बता दें कि तीन मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है, जिसने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब यह दोबारा परीक्षा 21 जून को होने जा रही है। विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एनटीए में बड़े प्रशासनिक बदलाव करते हुए अनुजा बापट (आईएसएस) और रुचिरा विज (आईआरएस) को नया संयुक्त सचिव नियुक्त किया है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।