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Kathua News: जेब पर भारी पड़ रहा बिजली के बिल का बोझ, टूटा सब्र
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बिजली बिल को लेकर प्रदर्शन करते हुए लोग
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बिजली विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं की जेब पर बिजली बिल का बोझ अब भारी पड़ने लगा है। आखिरकार, सोमवार को बिजली विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए।
हजारों तो कहीं-कहीं लाखों रुपये तक के बिजली बिल मिलने से परेशान लोगों ने सोमवार को श्री परशुराम जी चौक पर एकत्र होकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग बिना किसी स्पष्ट आधार के मनमना बिल भेज रहा है। इससे आम जनता आर्थिक संकट में फंस गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर बिलों की विसंगतियां दूर नहीं की गईं तो विभागीय कार्यालय के बाहर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल अभिषेक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद शुरुआती महीनों में बिल सामान्य आए, लेकिन पिछले दो महीनों से उपभोक्ताओं को ऐसे बिल भेजे जा रहे हैं, जिनका कोई तर्क समझ में नहीं आता। उन्होंने बताया कि कई घरों में बिजली की खपत करीब 100 यूनिट दिखाई गई है, लेकिन बिल 5 से 7 हजार रुपये तक भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विभाग एक यूनिट बिजली का कितना मूल्य वसूल रहा है।
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वार्ड-10 निवासी आशीष ने बताया कि अप्रैल में उन्हें मात्र 100 रुपये का बिल मिला था, जबकि अगले ही महीने विभाग ने 80 हजार रुपये का बिल भेज दिया, जबकि बिल में दर्ज बिजली की खपत 100 यूनिट से भी कम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बिल ने लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। पुष्पा देवी ने बताया कि उनके घर में केवल एक कमरा है, जहां एक एलईडी बल्ब और पंखा चलता है। इसके बावजूद उन्हें हजारों रुपये का बिल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोग जिनके लिए इस महंगाई में आटा और दाल पूरा करना भारी पड़ रहा है, वह लोग इतने भारी भरकम बिलों का भुगतान कैसे कर सकते हैं।
प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद शफी से मिले और उनके सामने विवादित बिजली बिलों का ढेर लगाकर जवाब मांगा। लोगों ने कहा कि विभाग यह स्पष्ट करे कि बिल तैयार करने के लिए कौन से मानक अपनाए जा रहे हैं, क्योंकि एक महीने 100 रुपये और अगले महीने 80 हजार रुपये का बिल किसी भी स्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता। कार्यकारी अभियंता मोहम्मद शफी ने मामले की जांच करवाने और एक सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में सनी हिंदुस्तानी, अभिमन्यु शर्मा, लाभ सिंह सुंबड़िया, मनमोहन पंगोत्रा, सुरेखा संब्याल, दिनेश्वर सिंह जॉनी आदि मौजूद रहे।
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं की जेब पर बिजली बिल का बोझ अब भारी पड़ने लगा है। आखिरकार, सोमवार को बिजली विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए।
हजारों तो कहीं-कहीं लाखों रुपये तक के बिजली बिल मिलने से परेशान लोगों ने सोमवार को श्री परशुराम जी चौक पर एकत्र होकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग बिना किसी स्पष्ट आधार के मनमना बिल भेज रहा है। इससे आम जनता आर्थिक संकट में फंस गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर बिलों की विसंगतियां दूर नहीं की गईं तो विभागीय कार्यालय के बाहर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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प्रदर्शन में शामिल अभिषेक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद शुरुआती महीनों में बिल सामान्य आए, लेकिन पिछले दो महीनों से उपभोक्ताओं को ऐसे बिल भेजे जा रहे हैं, जिनका कोई तर्क समझ में नहीं आता। उन्होंने बताया कि कई घरों में बिजली की खपत करीब 100 यूनिट दिखाई गई है, लेकिन बिल 5 से 7 हजार रुपये तक भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विभाग एक यूनिट बिजली का कितना मूल्य वसूल रहा है।
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वार्ड-10 निवासी आशीष ने बताया कि अप्रैल में उन्हें मात्र 100 रुपये का बिल मिला था, जबकि अगले ही महीने विभाग ने 80 हजार रुपये का बिल भेज दिया, जबकि बिल में दर्ज बिजली की खपत 100 यूनिट से भी कम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बिल ने लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। पुष्पा देवी ने बताया कि उनके घर में केवल एक कमरा है, जहां एक एलईडी बल्ब और पंखा चलता है। इसके बावजूद उन्हें हजारों रुपये का बिल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोग जिनके लिए इस महंगाई में आटा और दाल पूरा करना भारी पड़ रहा है, वह लोग इतने भारी भरकम बिलों का भुगतान कैसे कर सकते हैं।
प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद शफी से मिले और उनके सामने विवादित बिजली बिलों का ढेर लगाकर जवाब मांगा। लोगों ने कहा कि विभाग यह स्पष्ट करे कि बिल तैयार करने के लिए कौन से मानक अपनाए जा रहे हैं, क्योंकि एक महीने 100 रुपये और अगले महीने 80 हजार रुपये का बिल किसी भी स्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता। कार्यकारी अभियंता मोहम्मद शफी ने मामले की जांच करवाने और एक सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में सनी हिंदुस्तानी, अभिमन्यु शर्मा, लाभ सिंह सुंबड़िया, मनमोहन पंगोत्रा, सुरेखा संब्याल, दिनेश्वर सिंह जॉनी आदि मौजूद रहे।