{"_id":"6a16bcf2ac494ea2470af017","slug":"jharkhand-education-boost-cm-hemant-soren-announces-5000-schools-of-excellence-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, झारखंड में अब 5 हजार होंगे 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, झारखंड में अब 5 हजार होंगे 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Wed, 27 May 2026 03:14 PM IST
विज्ञापन
सार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में 5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने, शिक्षक नियुक्ति तेज करने और सरकारी स्कूलों में इंटरनेट व खेल सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। सरकार ने ड्रॉप आउट कम करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। बुधवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल को लंबे समय तक सिंगल टीचर के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
राज्य में ड्रॉप आउट दर हो रहा सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ड्रॉप आउट दर में लगातार सुधार हो रहा है और झारखंड इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विभाग की ओर से ड्रॉप आउट बच्चों का दोबारा नामांकन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। श्रम विभाग के साथ समन्वय कर ऐसे बच्चों की पहचान भी की जा रही है, जो मजदूरी या अन्य कारणों से स्कूल से दूर हो गए हैं।
विज्ञापन
बढ़कर पांच हजार हो जाएगी एक्सीलेंस स्कूलों की संख्या
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा और आईसीटी लैब को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया।
स्कूलों में बढ़ाई जाएं खेल गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विद्यालयों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए और परिवहन सुविधा की पायलट परियोजना शुरू की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो।
ये भी पढ़ें- पटना की मंडी में भीषण आग, कपूर और पूजा सामग्री की दुकान जलकर खाक; लाखों का नुकसान
बैठक में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्कूल निर्माण की रूपरेखा प्रस्तुत की। यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर इसकी डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल को लंबे समय तक सिंगल टीचर के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य में ड्रॉप आउट दर हो रहा सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ड्रॉप आउट दर में लगातार सुधार हो रहा है और झारखंड इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विभाग की ओर से ड्रॉप आउट बच्चों का दोबारा नामांकन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। श्रम विभाग के साथ समन्वय कर ऐसे बच्चों की पहचान भी की जा रही है, जो मजदूरी या अन्य कारणों से स्कूल से दूर हो गए हैं।
Trending Videos
बढ़कर पांच हजार हो जाएगी एक्सीलेंस स्कूलों की संख्या
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा और आईसीटी लैब को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया।
स्कूलों में बढ़ाई जाएं खेल गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विद्यालयों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए और परिवहन सुविधा की पायलट परियोजना शुरू की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो।
ये भी पढ़ें- पटना की मंडी में भीषण आग, कपूर और पूजा सामग्री की दुकान जलकर खाक; लाखों का नुकसान
बैठक में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्कूल निर्माण की रूपरेखा प्रस्तुत की। यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर इसकी डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।