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Jharkhand: राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी की एंट्री, निर्दलीय पर्चा खरीदकर बढ़ाई राजनीतिक हलचल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 05:30 PM IST
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सार
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में नया मोड़ आ गया है। पूर्व राज्यसभा सांसद और उद्योगपति परिमल नाथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र खरीद लिया है। उनकी एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है।
परिमल नाथवानी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब और भी दिलचस्प होता जा रहा है। उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। शनिवार को उन्होंने नामांकन पर्चा खरीद लिया, जिसके बाद राज्य की राजनीतिक फिजा में नई हलचल तेज हो गई है। उनकी एंट्री ने चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
पहले भी परिमल नाथवानी कर चुके हैं राज्यसभा का प्रतिनिधित्व
परिमल नाथवानी इससे पहले भी झारखंड का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में कर चुके हैं और राज्य के राजनीतिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। यही कारण है कि उनके चुनाव लड़ने के फैसले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि उन्हें कुछ दलों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन मिल सकता है। विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी के समर्थन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है।
चुनाव का गणित बिगाड़ सकते हैं परिमल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नाथवानी अपेक्षा से अधिक समर्थन जुटाने में सफल रहते हैं तो चुनाव का पूरा गणित बदल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा के लिए चुनौती बढ़ सकती है। विधानसभा में दलों की संख्या और संभावित वोटों के समीकरण को देखते हुए यह चुनाव अब पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा है।
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ये भी पढ़ें- झामुमो की दो सीटों पर दावेदारी से बढ़ी सियासी गर्मी, क्या कांग्रेस पर दबाव की नई चाल?
रोमांचक मोड पर पहुंचा राज्यसभा का चुनाव
नाथवानी की उम्मीदवारी के बाद क्रॉस वोटिंग और विधायकों की निष्ठा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा पहले ही खरीद-फरोख्त और दल-बदल जैसी संभावनाओं को लेकर चिंता जता चुका है। चूंकि राज्यसभा चुनाव में मतदान विधायक करते हैं, इसलिए हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। फिलहाल परिमल नाथवानी की एंट्री ने झारखंड के राज्यसभा चुनाव को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
पहले भी परिमल नाथवानी कर चुके हैं राज्यसभा का प्रतिनिधित्व
परिमल नाथवानी इससे पहले भी झारखंड का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में कर चुके हैं और राज्य के राजनीतिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। यही कारण है कि उनके चुनाव लड़ने के फैसले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि उन्हें कुछ दलों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन मिल सकता है। विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी के समर्थन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है।
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चुनाव का गणित बिगाड़ सकते हैं परिमल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नाथवानी अपेक्षा से अधिक समर्थन जुटाने में सफल रहते हैं तो चुनाव का पूरा गणित बदल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा के लिए चुनौती बढ़ सकती है। विधानसभा में दलों की संख्या और संभावित वोटों के समीकरण को देखते हुए यह चुनाव अब पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा है।
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नाथवानी की उम्मीदवारी के बाद क्रॉस वोटिंग और विधायकों की निष्ठा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा पहले ही खरीद-फरोख्त और दल-बदल जैसी संभावनाओं को लेकर चिंता जता चुका है। चूंकि राज्यसभा चुनाव में मतदान विधायक करते हैं, इसलिए हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। फिलहाल परिमल नाथवानी की एंट्री ने झारखंड के राज्यसभा चुनाव को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।