बजटः घोषित हुए इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज
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बजट 2015-16 में शिक्षा को लेकर कुछ अहम फैसले लिए गए। इन घोषणाओं में अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति के लिए 2100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
सामान्य वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति के और फीस प्रतिपूर्ति के लिए 723 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वहीं पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति के लिए 1092 करोड़ रुपए का प्रावधान है। अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति एवं फीस प्रतिपूर्ति के लिए 977 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
मदरसा आधुनिकीकरण योजना के संचालनार्थ 285 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित हुआ है। 146 नए आलिया स्तर के स्थायी मान्यता प्राप्त मदरसों को अनुदान सूची पर लिए जाने के लिए 42 करोड़ रुपए की व्यवस्था रखी गई है।
यूपी बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहीं मेरिट आधारित लैपटॉप वितरण योजना हेतु 100 करोड़ रुपए की घोषणा हुई है।
बेसिक शिक्षा के लिए हुई ये घोषणाएं
सर्व शिक्षा अभियान में लगभग 9,977 करोड़ रुपए एवं मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए करीब 1,696 करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना प्रस्तावित की गई है।
प्रदेश सरकार के मानकों के अनुरूप विद्यालयों की स्थापना और उनमें पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और चारदीवारी की व्यवस्था भी की जाएगी।
7,000 अतिरिक्त कक्षाओं और 20 हजार स्कूलों की चारदीवारी के निर्माण के लिए भी बजट दिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा में होंगे ये विकास
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 1463 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है जिसके तहत 100 मॉडल स्कूलों की स्थापना के लिए 350 करोड़ रुपए, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में छात्रावासों के निर्माण और रख-रखाव के लिए 200 करोड़ रुपए की घोषणा हुई है।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य हेतु 50 करोड़ रुपए और अवस्थापना सुविधाओं के लिए 60 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की गई है।
उच्च शिक्षा पहले से होगी बेहतर
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 26 राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से विभिन्न जनपदों में 11 राजकीय महाविद्यालयों का निर्माण भी हो रहा है। इन सभी में जुलाई 2016 से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
राज्य विश्वविद्यालयों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 134 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं राजकीय महाविद्यालयों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 78 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसह के रेस्टोरेशन के लिए भी इस बजट में 5 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।
प्राविधिक शिक्षा के लिए भी हुई बड़ी घोषणाएं
प्रदेश में वर्तमान में दो तकनीकी विश्वविद्यालय स्थापित हैं। अब हारकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर की राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि को देखते हुए उसे तकनीकी विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अन्तर्गत देवीपाटन और बस्ती मंडलों में एक-एक नए राजकीय इंजीयिरिंग कॉलेज की स्थापना भी की जाएगी। जनपद गोंडा की तहसील करनैलगंज और जनपद फैजाबाद की तहसील मिल्कीपुर में नए पॉलीटेक्निक की स्थापना की भी घोषणा इस बजट में हुई है।
जनपद अम्बेडकर नगर,आजमगढ़, बांदा, बिजनौर, कन्नौज, मैनपुरी एवं सोनभद्र में एक-एक इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण भी होगा। निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल पर जनपद लखनऊ के चक गंजरिया में एक आईआईआईटी स्थापित करने की भी घोषणा हुई है।
युवाओं के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश के असेवित तहसीलों/ विकास खडों में 20 नए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थनों की स्थापना की जाएगी।