Lucknow: बाल श्रम और बाल विवाह रोकने में यूपी ने बनाई नई मिसाल, 5 हजार बच्चों को मिला संरक्षण
जेआरसी के संस्थापक Bhuvan Ribhu ने कहा कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बाल अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत संगठन Just Rights for Children (जेआरसी) और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और बाल यौन शोषण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है।
वर्ष 2025-26 के दौरान जेआरसी और विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने ट्रैफिकिंग तथा बाल श्रम के शिकार बच्चों को मुक्त कराने के लिए 3,805 अभियान चलाए। इन अभियानों के माध्यम से 5,000 से अधिक बच्चों को बाल श्रम और तस्करी के चंगुल से मुक्त कराया गया। साथ ही अपराधियों के खिलाफ 919 एफआईआर दर्ज कराई गईं, जबकि वर्ष 2023-24 में ऐसे मामलों में केवल 261 एफआईआर दर्ज हुई थीं।
बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाते हुए श्रम विभाग ने 2,552 से अधिक मामलों में चालान भी जारी किए। वहीं, बाल विवाह रोकने की दिशा में भी बड़ी सफलता मिली। जेआरसी नेटवर्क ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से 17,303 बाल विवाह रुकवाए। अधिकांश मामलों में परिवारों से लिखित शपथपत्र लेकर विवाह रोके गए, जबकि कई मामलों में पुलिस हस्तक्षेप और न्यायालय के आदेशों की मदद ली गई।
अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया
बाल यौन शोषण के मामलों में भी नेटवर्क ने 1,076 बच्चों को न्याय और संरक्षण दिलाने में सहयोग किया। बच्चों के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वर्ष 2025-26 में 1,585 कानून प्रवर्तन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसके अलावा रोकथाम आधारित उपायों को मजबूत करने के लिए 6 लाख से अधिक संवेदनशील और जोखिमग्रस्त परिवारों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता प्रदान की गई। जेआरसी के संस्थापक Bhuvan Ribhu ने कहा कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से स्थापित किए जा रहे 20 हजार से अधिक ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकते हैं।