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यूपी में अब 7 मीटर से कम चौड़े नहीं बनेंगे रोड, हाईवे भी 10 मीटर चौड़े होंगेः केशव मौर्य

ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 11 Dec 2017 04:44 PM IST
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roads of minimum 7 meter width will be constructed in up
लखनऊ कांफ्रेंस में बोलते उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य। - फोटो : amar ujala
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उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा है कि अब जिलास्तरीय मार्ग भी कम से कम 7 मीटर चौड़े (टू लेन) बनाए जाएंगे। पहले से बने मार्गों को भी चरणबद्ध ढंग से चौड़ा किया जाएगा। इसी तरह से स्टेट हाईवे भी अनिवार्य रूप से 10 मीटर चौड़े होंगे। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की समस्याओं के निराकरण के लिए जल्द ही कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।


वे रविवार को सड़कों की नई तकनीक पर दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद रविवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में 14 राज्यों के लोक निर्माण मंत्रियों व प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने नई तकनीक के बारे में कई अहम सुझाव दिए हैं।
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कॉन्फ्रेंस में आधुनिकतम मशीनों के उपयोग से लागत में कमी लाने, निर्माण का समय कम करने के साथ ही सड़कों के रखरखाव में भी नई तकनीक के इस्तेमाल पर मंथन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नई तकनीक से सड़क बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी बनाई जाएगी।
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पहले सड़कों की उम्र पांच वर्ष मानी जाती थी, पर नई तकनीक से इनकी उम्र 20 वर्ष तक हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में मीडिया के लोगों को सड़कों में गड्ढे ढूंढने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। केशव ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में आए देश-विदेश के प्रतिनिधियों को निर्माणाधीन लखनऊ-हरदोई मार्ग (राज्य राजमार्ग संख्या-25) भी दिखाया गया।

यहां जर्मनी से आयातित रिसाइक्लर मशीन से सीमेंट ट्रीटेड बेस का काम हो रहा था। विशेषज्ञों ने पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह से यहां हो रहे काम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कॉन्फ्रेंस में की गई संस्तुतियों को सरकार को भेज दिया गया है। इन पर विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। संस्तुतियों में नई तकनीक पर आधारित प्रयोग फेल होने पर इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई का भी सुझाव शामिल है।

नई तकनीक पर आधारित पुस्तक का विमोचन

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पुस्तक का विमोचन करते डिप्टी सीएम केशव मौर्य - फोटो : amar ujala

डिप्टी सीएम नेे पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह, अधीक्षण अभियंता पीके कटियार और अधिशासी अभियंता अशोक कनौजिया द्वारा लिखित ‘सड़क निर्माण में नई तकनीक’ का भी विमोचन किया। मौर्य ने कहा कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी।

बैक डेट में बॉन्ड बनने पर होगी कड़ी कार्रवाई
मौर्य ने कहा कि किसी भी सड़क के निर्माण के लिए बैक डेट में बॉन्ड नहीं बनाए जाएंगे। अगर ऐसा पाया गया तो संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। आमतौर पर पीडब्ल्यूडी के स्थानीय कार्यालयों से ठेकेदारों को बॉन्ड तब जारी किया जाता है, जब काम पूरा होने की तिथि भी निकल चुकी होती है। ऐसा अवैध वसूली के लिए किया जाता है। इससे ठेकेदारों का काम घटिया होने पर भी जेई और एई काम नहीं रुकवा पाते, क्योंकि बॉन्ड के अनुसार काम पूरा हो चुका होता है। लेकिन क्वालिटी खराब होने पर जेई और एई ही नपते हैं।

41500 किमी. लंबी सड़कें करनी होंगी टू लेन

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यूपी में वर्तमान में अन्य जिला मार्र्गों (ओडीआर) की कुल लंबाई 46 हजार किलोमीटर है, जिनमें से 8 हजार किलोमीटर लंबी सड़कें ही टू लेन यानी 7 मीटर चौड़ी हैं। इसी तरह से मुख्य जिला मार्ग (एमडीआर) 7500 किलोमीटर लंबे हैं, जिनमें से 4000 किलोमीटर लंबी सड़कें ही टू लेन हैं। अलबत्ता 7150 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे में से अधितर टू लेन या उससे ज्यादा चौड़े हैं। बमुश्किल 200 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे ही सात मीटर  से कम चौड़े हैं।

4 लाख करोड़ के कामों के प्रस्ताव केंद्र को सौपेंगे
डिप्टी सीएम ने कहा कि वे जल्द ही केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को चार लाख करोड़ रुपये के काम के प्रस्ताव भेजेंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। एक सवाल के जवाब में केशव ने कहा, कुंभ मेला हमारी जिम्मेदारी भी है और हमारे लिए बड़ी चुनौती भी है। वहां पीडब्ल्यूडी के हिस्से की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। जरूरी निर्माण कार्य भी जल्द शुरू करा दिए जाएंगे।
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