UP: सीएम योगी बोले- तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को स्वीकार नहीं हो रहा देश का बदला स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण और परिवारवाद की राजनीति करने वाले इस बदलाव से असहज हैं। युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन, सुरक्षा, विरासत के सम्मान और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हुआ तो वे लोग असहज होने लगे, जिनकी राजनीति वर्षों तक भ्रष्टाचार, कुशासन, परिवारवाद, तुष्टिकरण, अव्यवस्था और असुरक्षा पर आधारित रही। उन्हें यह विकास और परिवर्तन स्वीकार नहीं हो रहा है।
पहले देश की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों से दूरी बनाई जाती थी। समाज को जाति, क्षेत्र, भाषा और मत-मजहब के आधार पर बांटा जाता था। वह शुक्रवार को लोकभवन में पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। आज देश का प्रत्येक नागरिक नए भारत का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कर रहा है। स्वतंत्रता के बाद योजनाएं बनती रहीं, लेकिन उनके क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दिया गया।
आज यूपी को केंद्र की योजनाओं की सर्वाधिक लाभ मिल रहा है। देश ने पिछले 12 वर्षों में आस्था व आर्थिक विकास का अद्भुत संगम देखा है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में सफलता पाई। गरीब अब केवल वोट बैंक नहीं रहा, बल्कि विकास प्रक्रिया का केंद्र बन चुका है। महिलाओं के लिए भी तमाम कार्य पहली बार हुए। शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिला।
युवाओं को विश्वास हुआ कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं। किसानों को मजबूत किया गया। यूपी में 3 करोड़ से अधिक किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, एनडीए के सहयोगी अपना दल के नेता एवं मंत्री आशीष पटेल, सुभासपा अध्यक्ष एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर, निषाद राज पार्टी अध्यक्ष व मंत्री संजय निषाद, राष्ट्रीय लोक दल के नेता व मंत्री अनिल कुमार तथा एमएलसी मानवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बदला भारत का दृष्टिकोण
सीएम ने कहा कि पहले सीमा पार से होने वाले हमलों और आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया सीमित रहती थी। यूपीए शासनकाल में दुश्मन देश भारतीय सैनिकों के सिर काटकर ले गया था, लेकिन सरकार मौन रही। संसद में इस विषय को उठाने पर संबंध खराब होने की दलील दी जाती थी।
अब भारत अपनी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करता। निर्णायक जवाब देता है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों से सुरक्षा मजबूत होने के साथ सैनिकों का मनोबल भी बढ़ा है।
मैंने गोरखपुर का सांसद रहते हुए नक्सलवाद की चुनौती को निकट से देखा था। छत्तीसगढ़ में चुनाव के दौरान बस्तर व कोंडागांव जैसे क्षेत्रों में भारी सुरक्षा के बीच जनसभाएं करनी पड़ी थी। अब इस क्षेत्र का स्वरूप बदल चुका है। वहां होटल बन रहे हैं, उद्योग स्थापित हो रहे हैं। पीएम की प्रभावी रणनीति से देश नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है।
आस्था व सांस्कृतिक विरासत का सम्मान
सीएम ने कहा कि पहली बार देश की आस्था व सांस्कृतिक विरासत को वह सम्मान मिला, जिसकी लंबे समय से अपेक्षा थी। 500 वर्षों के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
मोदी पहले प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने राम मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा मंदिर पर सनातन ध्वज आरोहण किया। अयोध्या में रामलला की प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारपुरी के पुनरुद्धार जैसे कार्य देश की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।
वैश्विक संकट में संभाली अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि युद्ध आदि से पनपी वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों को ऊर्जा संकट से बचाए रखा। जब अमेरिका सहित अनेक देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई और महंगाई ने आम लोगों को प्रभावित किया, तब भी भारत ने ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। महंगाई को भी नियंत्रित रखा।