सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   When Dr Sampoornanand did not campaign against his friends cndidate.

अतीत का झरोखा: ...जब कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने से मना कर दिया मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने, बोले- रिश्ता ज्यादा बड़ा

अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 12 Dec 2021 01:58 PM IST
विज्ञापन
सार

अब की चुनावी राजनीति में जीत के लिए प्रत्याशी और पार्टी हर गलत-सही तरीका अपनाते हैं पर एक दौर ऐसा भी था जब रिश्तों को लोग राजनीति से ऊपर रखते थे।

When Dr Sampoornanand did not campaign against his friends cndidate.
डॉ. संपूर्णानंद - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

पं. गोविंद वल्लभ पंत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए डॉ. संपूर्णानंद अलग ही अंदाज के राजनीतिज्ञ थे। वाराणसी के बड़ागांव के बलदेव वैद्य उनके मित्र थे। दोनों लोग जेल जीवन के साथी थे। वैद्य जी जब भी डॉ. संपूर्णानंद जी को बुलाते तो वे तुरंत बड़ागांव पहुंच जाते।



प्रसंग आजादी के बाद 1952 में हुए पहले आम चुनाव का है। बड़ागांव इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और बाद में सूचना विभाग में अधिकारी रहे डॉ. ठाकुर प्रसाद सिंह के एक संस्मरण से पता चलता है कि चुनाव के दौरान कुछ मुद्दों को लेकर वैद्य जी का कोलअसला विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस से मतभेद हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वैद्य जी ने निहाला सिंह को कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया। कांग्रेस की तरफ  से डॉ. संपूर्णानंद की वहां सभा तय की गई। डॉ. साहब विधानसभा क्षेत्र में गए, लेकिन जब उन्हें पता चला कि निहाला सिंह को वैद्य जी लड़ा रहे हैं तो वे बिना भाषण दिए लौट आए।
विज्ञापन
Trending Videos


कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने उनसे कई बार आग्रह किया कि वे भाषण दे दें, लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। बाद में जब कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उन पर कोलअसला में सभा का दबाव डाला, तो उन्होंने कहा कि राजनीति छोड़ सकता हूं, लेकिन रिश्ता नहीं। कांग्रेस की तमाम कोशिशों के बावजूद डॉ. संपूर्णानंद निहाला सिंह के विरुद्ध सभा के लिए राजी नहीं हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed