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जब महिलाओं ने दी परंपराओं को चुनौती, समाज ने टेक दिए घुटने

टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 21 Apr 2016 05:50 PM IST
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Indian Women who empowered their believe to break the old tradition of society
महिलाओं ने बनाया अपना खास मुकाम - फोटो : PTI

हाल के दिनों में भारतीय महिलाओं ने कई पुरानी परंपराओं और प्रचलित मान्यताओं को तोड़कर दुनिया के सामने नई मिशाल पेश की है। उनकी हिम्मत और लगन के सामने न केवल समाज को झुकना पड़ा बल्कि परम्पराओं ने भी अपने घुटने टेक दिए।

नौसेना ने महिलाओं को दिया स्थायी कमीशन

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नौसेना टुकड़ी में शामिल महिलाएं - फोटो : Getty
भारतीय नौसेना ने 2008-09 में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए शिक्षा और नेवल कंस्ट्रक्टर कैडर में भर्ती हुईं सात महिलाओं को स्थायी कमीशन दे दिया है। उन्हें पी-8आई और डॉर्नियर जैसे विमानों में पायलट बनने के भी अवसर दिया जाएगा। नौसेना के इस फैसले ने एक बार फिर से महिलाओं की बढ़ती ताकत का परिचय कराया है। हाल के दिनों में महिलाओं ने कई मोर्चों पर अपने दावेदारी सिद्ध की है।

त्रयंबकेश्वर मंदिर के गृह गर्भ में महिलाओं को प्रवेश

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नासिक का त्रयंबकेश्वर मंदिर - फोटो : PTI

महाराष्ट्र के नासिक में स्थित भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर के गर्भ गृह में गुरुवार को महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दे दी गई। स्वराज्य संगठन की प्रमुख वनिता गुट्टे की अगुवाई में तीन महिलाओं ने गर्भ गृह में जाकर भगवान शिव की पूजार अर्चना की। इसे महिलाओं की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि मंदिर के गर्भ गृह में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध था।

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शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं का प्रवेश

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कोर्ट के आदेश के बावजूद लोगों ने भूमाता ब्रिगेड को मंदिर में घूसने से रोका - फोटो : PTI

इसी तरह की एक अन्य घटना महाराष्ट्र के अहमदनगर में स्थित प्रसिद्ध शनि शिंगणापुर मंदिर में देखने को मिली थी। जहां महिलाओं शनि मंदिर के गर्भ गृह में जाकर भगवान शनि पर तेल पर चढ़ाने के लिए कई महीनों से कवायद जारी थी। अंततः हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने गर्भ गृह में जाकर शनि मूर्ति पर तेल चढ़ाकर 400 साल पुरानी परंपरा को खत्म कर दिया। इसमें भूमाता ब्रिगेड की महिलाओं का प्रमुख योगदान रहा।

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हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश की जंग

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मुंबई में स्थित हाजी अली दरगाह - फोटो : PTI

शनि शिंगणापुर मंदिर की ही तर्ज पर महाराष्ट्र में ही स्थित प्रसिद्ध हाजी अली दरगाह के अंदर महिलाओं के प्रवेश की इजाजत के लिए जंग शुरू हो गई है। इसके लिए एक संगठन ने 'हाजी अली सबके लिए' नाम से एक आंदोलन शुरू किया है जिसके तहत दरगाह के अंदर महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने की मांग की जा रही है। अगर यह आंदोलन सफल रहा तो एक बार फिर से दुनिया को महिलाओं की इच्छा शक्ति का डंका मानने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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