गर्मियों का मौसम भले ही आपको पसंद हो या नापसंद पर इन दिनों में मिलने वाले फल आपके जरूर पसंदीदा होंगे। गर्मियों में मिलने वाला आम ऐसा ही फल है, जिसे हम सभी बड़े चाव के साथ खाते हैं। आम सिर्फ स्वाद से ही भरपूर नहीं होता बल्कि इसे सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आम विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है जिसकी शरीर को नियमित रूप से जरूरत होती है।
Summer Health: कहीं आम ही तो नहीं बन रहा आपके वेट लॉस में बाधा? जानिए सबसे बड़े कन्फ्यूजन का जवाब
आम का सीजन आते ही एक बहस शुरू हो जाती है, क्या आम सिर्फ स्वाद देता है या सेहत भी? क्या डायबिटीज के मरीज इसे खा सकते हैं? आइए ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब जान लेते हैं।
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स्वाद ही नहीं सेहत से भी भरपूर है आम
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, आम बहुत लाभकारी फल है। इसके सेवन से आप आसानी से शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति कर सकते हैं।
- ये विटामिन-ए और सी से भरपूर होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करते हैं।
- विटामिन-ए आंखों की रोशनी के लिए जरूरी है, वहीं विटामिन-सी आपकी इम्युनिटी को बढ़ाकर शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक होता है।
- इसके अलावा आम में फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है।
- इसमें पोटैशियम भी पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
- आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं, जो कई क्रॉनिक बीमारियों का घर माना जाता है।
तो क्या आम खाने से वजन बढ़ता है?
100 ग्राम आम में लगभग 60 कैलोरी प्रति होती है। इसलिए अक्सर लोगों के मन में डर रहता है कि आम खाने से वेट बढ़ सकता है।
- आहार विशेषज्ञ डॉ पारुल शर्मा कहती हैं, यह धारणा काफी हद तक गलत है कि आम खाने से सीधे वजन बढ़ता है।
- अगर आप सीमित मात्रा में आम खाते हैं तो वजन बढ़ाने को लेकर टेंशन की जरूरत नहीं है।
- आम वजन बढ़ाने नहीं बल्कि कम करने में सहायक हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है।
आम खाने से वेट गेन का खतरा तब हो सकता है जब आप इसे रोजाना ज्यादा मात्रा में खाएं या फिर इसे दूध या चीनी के साथ शेक बनाकर लें।
डायबिटीज का कितना खतरा?
डायटीशियन कहती हैं, आम खाने को लेकर लोगों के मन में दूसरा बड़ा सवाल ये रहता है कि क्या इससे वजन बढ़ता है?
- अध्ययनों से पता चलता है कि सीमित मात्रा में आम खाने से मेटाबोलिक हेल्थ को फायदा होता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो सकती है और प्री-डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
- हालांकि आम में प्राकृतिक रूप से शुगर होती है जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है, लेकिन इसमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट इसे बैलेंस करते हैं।
- आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मीडियम यानी 51 से 56 के बीच होता है। मतलब अगर सीमित मात्रा में आम खाते हैं तो इससे शुगर स्पाइक का ज्यादा खतरा नहीं रहता।
- हालांकि अगर आपको पहले से ही डायबिटीज है, तो आम खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
आहार विशेषज्ञ कहती हैं, आम वैसे तो फायदेमंद है। इसे सही तरीके से और सही मात्रा में खाया जाए तो ये कई फायदे दे सकता है। दिन में एक-दो छोटे या मध्यम आकर का आम पर्याप्त होता है। आम का शेक पीने के बजाय पूरा फल खाना ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि उसमें फाइबर बना रहता है। आम के साथ प्रोटीन या नट्स लेने से इसका शुगर इफेक्ट कम हो सकता है। आम तभी नुकसान पहुंचाता है, जब इसे ज्यादा मात्रा में खाया जाए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।