दिल की बीमारियों का बोझ दुनियाभर की स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कई रिपोर्ट्स में आपने भी 30 से कम उम्र के लोगों की हार्ट अटैक से मौत की खबरें सुनी-देखी होंगी। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हो गया है कि शरीर का ये सबसे महत्वपूर्ण अंग लगातार कमजोर होता जा रहा है?
Heart Disease: ये आदत युवाओं में दिल की सबसे बड़ी दुश्मन, दोगुना कर देती है हार्ट अटैक का खतरा
अब 25-35 साल के युवा भी अचानक कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर इतना मजबूत माना जाने वाला दिल इतना कमजोर क्यों पड़ता जा रहा है? कौन से कारण हैं जो दिल की सेहत को गंभीर तरीके से नुकसान पहुंचाते जा रहे हैं।
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लंबे समय तक बैठे रहना खतरनाक
कैलिफोर्निया स्थित वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संजय भोजराज कहते हैं, हृदय की बीमारियों और हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों का एक बड़ा कारण लोगों की सेंडेंटरी लाफस्टाइल भी है।
- लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने की आदत जानलेवा हार्ट की समस्याओं का खतरा दोगुना तक बढ़ाने वाली हो सकती है।
- शोध बताते हैं कि लगातार बैठकर काम करने से शरीर का रक्त का संचार प्रभावित होता है और ब्लड क्लॉटिंग होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
- ये आदत मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करती है और फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज कर देती है।
- इन सभी स्थितियों का धीरे-धीरे धमनियों पर असर होता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं हृदय रोग विशेषज्ञ?
डॉ. भोजराज कहते हैं, रोज की यह आदत हार्ट अटैक का खतरा दोगुना कर देती है और ज्यादातर लोग इस तरफ ध्यान तक नहीं देते हैं।
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- हार्ट को हेल्दी रखने के लिए लोग डाइट में सुधार या स्मोकिंग न करने जैसे आदत तो अपना रहे हैं पर मेरे क्लिनिकल अनुभव में दिल की बीमारी की एक मुख्य वजह शारीरिक गतिविधि की कमी रही है।
- 20 से ज्यादा वर्षों के अनुभव में मैंने देखा है हृदय की बीमारियों में एक आदत जो हर बार सामने आती है, वह है लोगों का चलना-फिरना कम होना।
- घंटों बैठे रहने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, ब्लड शुगर बढ़ता है और खून का थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है। ये सब हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाले माने जाते हैं।
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का जोखिम कैसे कम करें?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, लगातार 6-8 घंटे बैठने वाले लोगों में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का जोखिम काफी अधिक पाया गया है, भले ही वे नियमित व्यायाम करते हों। इसका कारण यह है कि लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ता है, जिससे डायबिटीज और हार्ट डिजीज दोनों का खतरा बढ़ जाता है।
कार्डियोलॉजिस्ट कहते हैं, चूंकि ऑफिस में काम करने के दौरान लोगों के लिए लंबे समय तक बैठे रहना मजबूरी है, पर कुछ बदलाव करने भी जरूरी हैं।
- हर 30-40 मिनट में सीट से उठें और टहलें। कुछ स्क्वैट्स करें। रोजाना शरीरिक मेहनत जरूर करें, यह सचमुच बहुत आसान है और आपको बड़े खतरे से बचाने में भी मददगार हो सकता है।
- हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ये जरूरी नहीं कि आप जिम में रोज घंटों समय बिताएं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में एक बुनियादी बदलावों की मदद से भी काफी लाभ पा सकते हैं।
हार्ट अटैक से बचने और दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं, दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी है।
- रोजाना कम से कम 30-45 मिनट की वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है और हार्ट को मजबूत करती है।
- ऑफिस में काम करने वाले लोगों को थोड़ी-थोड़ी देर में सीट से उठकर थोड़ा चलना चाहिए। इससे रक्त संचार ठीक रहता है।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना हार्ट अटैक के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है।
- इसके अलावा संतुलित आहार जैसे फल-सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर वाली चीजें खाएं, ये हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।