लखनऊ में गोमतीनगर के विश्वास खंड-3 निवासी विश्वजीत सिंह पुंडीर की मौत का रहस्य जानने के लिए पुलिस ने रविवार शाम को हादसे का रिक्रिएशन कराया। घर पहुंचे फोरेंसिक एक्सपर्ट ने साफ कहा कि घर में खून से लथपथ पैरों के निशान मिले हैं वह विश्वजीत के ही हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, वह बॉलकनी से पेड़ की डाली पर गिरा। इसके बाद ग्रिल के नुकीले सरिया उसके पेट में घुसे। इससे उसका हार्ट पंक्चर हो गया। ज्यादा रक्तस्राव होने से मौत हो गई। हालांकि अभी फोरेंसिक रिपोर्ट सप्ताहभर बाद आएगी।
सीन रिक्रिएशन से सामने आया मिडलैंड के मैनेजर की मौत का राज, पुतले की मदद से सामने आई सच्चाई
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विश्वजीत मिडलैंड अस्पताल में मैनेजर थे। वह हादसे वाले दिन शाम साढे़ छह बजे घर पहुंचे। इसके बाद भतीजी के साथ समय बिताया। फिर जिम चले गए। देर रात घर पहुंचे और रात एक बजे बालकनी से नीचे गिरकर घायल हो गये थे। घायल हालत में वह घर की कई सीढ़ियां चढ़ते हुए मां मंगला के कमरे तक गए। पूरे घर में खून फैला था। शाम 5:30 बजे विश्वजीत की मौत की हकीकत जानने के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ सीन रिक्रिएशन कराया गया।
दो बार पुतले के जरिए तलाशा गया मौत का सच
प्रभारी निरीक्षक रामसूरत सोनकर के मुताबिक, विश्वजीत की मौत की सच्चाई जानने को पुतले का इस्तेमाल किया गया। फोरेंसिक एक्सपर्ट के निर्देश के तहत विश्वजीत के कद-काठी वाला एक पुतला तैयार किया गया। उसे पहली मंजिल पर बने गेस्ट रूम केके बालकनी से एक बार गिराया गया।