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पीजीआई का हाल: रेनोवेशन के नाम पर बंद कर PGI में तीन ओटी बंद, 75 फीसदी सर्जरी टली; मरीज परेशान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:57 PM IST
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सार
पांचवीं मंजिल की तीन ओटी में कुल आठ ऑपरेशन टेबल पर सामान्य दिनों में 35 से 40 सर्जरी होती थीं। रेनोवेशन के चलते इन विभागों को चौथी मंजिल की ओटी में शिफ्ट किया गया है जहां इनके लिए केवल चार टेबल उपलब्ध कराई जा रही है।
पीजीआई के नेहरू अस्पताल में पांचवीं मंजिल का ऑपरेशन थिएटर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देशभर से गंभीर बीमारियों का इलाज कराने पीजीआई पहुंचने वाले मरीज इन दिनों नई मुश्किल का सामना कर रहे हैं।
नेहरू अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने न्यूरोसर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और गायनी विभाग की तीन ऑपरेशन थिएटर (ओटी) रेनोवेशन के कारण बंद हैं। ऐसे में सर्जरी की क्षमता आधे से भी कम रह गई है। मरीज और उनके परिजन बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं जबकि कई गंभीर मामलों में ऑपरेशन की तारीखें आगे खिसक रही हैं।
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वहीं हरियाणा के जींद की 36 वर्षीय महिला को गायनी विभाग में सर्जरी की सलाह दी गई थी। परिवार का कहना है कि हर बार जांच और फॉलोअप के बाद उन्हें कुछ दिन और इंतजार करने को कहा जाता है। परिजनों के मुताबिक निजी अस्पताल में इलाज का खर्च वहन करना संभव नहीं है, इसलिए पूरा परिवार पीजीआई की तारीख का इंतजार कर रहा है।
किसी मरीज की सर्जरी रद्द नहीं की गई है। फैकल्टी और संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ओटी रेनोवेशन की अनुमति दी गई है। यह वार्षिक रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा है और लगभग एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण यह समय चुना गया है। - पीजीआई प्रवक्ता
नेहरू अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने न्यूरोसर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और गायनी विभाग की तीन ऑपरेशन थिएटर (ओटी) रेनोवेशन के कारण बंद हैं। ऐसे में सर्जरी की क्षमता आधे से भी कम रह गई है। मरीज और उनके परिजन बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं जबकि कई गंभीर मामलों में ऑपरेशन की तारीखें आगे खिसक रही हैं।
आठ टेबल से चार पर सिमटा ऑपरेशन सिस्टम
पांचवीं मंजिल की तीन ओटी में कुल आठ ऑपरेशन टेबल पर सामान्य दिनों में 35 से 40 सर्जरी होती थीं। रेनोवेशन के चलते इन विभागों को चौथी मंजिल की ओटी में शिफ्ट किया गया है जहां इनके लिए केवल चार टेबल उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ऑपरेशन की संख्या घटकर 10 से 12 प्रतिदिन रह गई है। न्यूरो सर्जरी को सप्ताह में दो दिन दो टेबल मिल रही हैं जबकि बाकी दिनों में तीनों विभागों को एक-एक टेबल पर काम चलाना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि उन्हें सर्जरी की तारीख देने के बजाय अगली ओपीडी में आने को कहा जा रहा है।
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गंभीर मरीजों पर सबसे ज्यादा असर
इन विभागों में ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी की बीमारी, दुर्घटना में घायल मरीज, जन्मजात विकृतियों वाले बच्चे और जटिल स्त्री रोगों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे मामलों में देरी मरीजों और परिवारों की चिंता बढ़ा रही है। हिमाचल प्रदेश के मंडी निवासी रमेश कुमार पिछले दो महीने से न्यूरोसर्जरी विभाग में चक्कर काट रहे हैं। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन की सलाह मिलने के बाद भी उन्हें अब तक निश्चित तारीख नहीं मिल सकी है। परिवार चार बार पीजीआई आ चुका है।
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वहीं हरियाणा के जींद की 36 वर्षीय महिला को गायनी विभाग में सर्जरी की सलाह दी गई थी। परिवार का कहना है कि हर बार जांच और फॉलोअप के बाद उन्हें कुछ दिन और इंतजार करने को कहा जाता है। परिजनों के मुताबिक निजी अस्पताल में इलाज का खर्च वहन करना संभव नहीं है, इसलिए पूरा परिवार पीजीआई की तारीख का इंतजार कर रहा है।
गर्मी की छुट्टियों में राहत का दावा लेकिन ओटी बंद होने से बढ़ी चिंता
पीजीआई प्रशासन ने गर्मी की छुट्टियों से पहले कहा था कि इस दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इसी आधार पर ओटी रेनोवेशन को मंजूरी दी गई थी लेकिन नेहरू अस्पताल की तीन ओटी बंद होने से सर्जरी की क्षमता घटकर एक-तिहाई रह गई है। मरीजों और परिजनों का कहना है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तरह बनी हुई है, ऐसे में सर्जरी में देरी उनकी परेशानी बढ़ा रही है।किसी मरीज की सर्जरी रद्द नहीं की गई है। फैकल्टी और संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ओटी रेनोवेशन की अनुमति दी गई है। यह वार्षिक रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा है और लगभग एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण यह समय चुना गया है। - पीजीआई प्रवक्ता