सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CPIM loose their mandate in shimla

मेयर साहब! आपके लिए भी ये खतरे की घंटी तो नहीं?

टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 17 May 2014 02:18 PM IST
विज्ञापन
CPIM loose their mandate in shimla
विज्ञापन

मई 2012 में नगर निगम चुनाव में मेयर और डिप्टी मेयर का पद कब्जाने वाली सीपीआईएम का जनाधार भी इन चुनावों में प्रभावित हुआ। दो साल पहले मेयर, डिप्टी मेयर पद पर 21-21 हजार वोट लेकर पूरे देश में डंका बजाने वाली माकपा लोकसभा चुनाव में शिमला शहर में 1473 मतों में सिमट गई।



दिसंबर 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी टिकेंद्र पंवर को 7973 वोट मिले थे। सात माह के भीतर हुए इस चुनाव ने माकपा की खिसकती जमीन का अंदेशा जता दिया था। मतदाताओं में पार्टी का जनाधार गिरने का बड़ा कारण माकपा का नगर निगम में नाकाम साबित होना माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में अब मेयर और डिप्टी मेयर पर जनता का कितना भरोसा रह गया है, इसका भी पता चल गया। दो साल पहले नगर निगम में पहुंचेंगे, इस बात का अंदाजा खुद माकपा के इन प्रत्याशियों को भी नहीं था। लेकिन, जनता ने सभी मिथक तोड़कर संजय और टिकेंद्र को गले लगाया। आम आदमी तक दी गई दस्तक सिर चढ़ कर बोली।
विज्ञापन
Trending Videos


आप से भी पिछड़ गई पार्टी

शिमला में माकपा की हालत इतनी खराब रही कि पहली बार चुनाव लड़ रही आप पार्टी ने भी ज्यादा वोट हासिल कर लिए। आप प्रत्याशी सुभाष चंद को शिमला संसदीय सीट पर 14231 वोट मिले हैं। जबकि माकपा प्रत्याशी जगतराम को 11434 वोट ही मिल पाए हैं।

शिमला संसदीय सीट के अंदर तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दम भरने वाली माकपा के मुकाबले आम आदमी पार्टी ने पहले ही चुनाव में 2797 वोट अधिक हासिल किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed