BCCI सचिव अनुराग ने सीएम वीरभद्र को दिया अल्टीमेटम
- मैच के बहाने पाकिस्तान के हाथों खेलने का लगाया आरोप, पूछा क्यों नहीं कराया मैच
- बोले, शहीदों की भावनाओं के साथ राजनीति कर प्रदेश के साथ देश का भी किया नुकसान
- हिमाचल की वजह से ही पाकिस्तान को मिला भारत की सुरक्षा पर सवाल उठाने का मौका
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बीसीसीआई सचिव व भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने शनिवार को शिमला से इंडिया फर्स्ट तिरंगा यात्रा की शुरूआत की। भारी बारिश एवं तूफान के बावजूद सीटीओ से शेर-ए-पंजाब तक मार्च निकालकर कांग्रेस पार्टी की देश विरोधी मानसिकता पर अपना विरोध जताया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अनुराग ने सीएम वीरभद्र सिंह को मैच का विरोध करने और पार्टी द्वारा आतंकियों व देश विरोधियों को सपोर्ट करने पर स्टैंड क्लीयर करने का अल्टीमेटम दिया है।
कहा है कि अगर सोमवार शाम तक सीएम मैच न होने देने की वजह साफ नहीं करते तो भाजयुमो पोल खोल अभियान शुरू कर देगी। अहमदाबाद में तिरंगा यात्रा निकालने के बाद शनिवार को शिमला पहुंचे भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग ठाकुर बेहद आक्रामक दिखे। उन्होंने सीएम को अल्टीमेटम देने के साथ ही कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया। कहा, फैमिली फर्स्ट पार्टी नेक्स नेशन लास्ट के सिद्धांत पर काम करने वाली कांग्रेस पार्टी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की साजिश रच रही है।
अनुराग ने बताया कि हाल में जेएनयू में जो कुछ हुआ और उसके बाद जिस तरह राहुल गांधी उन देश विरोधियों के सहारे अपनी नैया पार लगाने का प्रयास कर रहे हैं वह बेहद शर्मनाक है। ठाकुर ने कहा भाजयुमो के कार्यकर्ता देश की आम जनता से मांग करते हैं कि ऐसी देशद्रोही पार्टी के नेताओं को सबक सिखाकर कांग्रेस मुक्त भारत बनाने में अपना सहयोग दें।
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जाएगी तिरंगा यात्रा
भाजयुमो तिरंगा यात्रा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तथा गुजरात से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक लेकर जाएगी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुनील ठाकुर ने देशद्रोही ताकतों और उनके साथ खड़े समर्थकों विशेष कर कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, आन्नद शर्मा, सीता राम यचूरी, अरविन्द की खिलाफ नारेबाजी कर उनके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
कहा कि जो देश का नहीं वह समाज में नहीं जेल में रहना चाहिए। इस मौके पर भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव नरेन्द्र अत्री, हिमाचल भाजयुमो प्रभारी महेश चौहान, चेतन बरागटा, शिमला के विधायक सुरेश भारद्धाज, विधायक हंस राज, संजय सूद, प्रमुख रूप से मौजूद थे।
राजनीतिक खेल कर रही कांग्रेस- अनुराग ठाकुर ने प्रदेश व केंद्रीय कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ हिमाचल में सीएम शहीदों के नाम पर राजनीति कर देश व प्रदेश का नुकसान कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर उनकी पार्टी के शीर्ष नेता आतंकियों को बचाने और देश विरोधियों को सपोर्ट कर उनके साथ खड़े हो रहे है। कहा कि सीएम अपना स्टैंड साफ करें कि वह देशभक्त हैं या फिर देशद्रोही।
भाजयुमो अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस देश व प्रदेश के ईमानदार अफसरों को बेइमानी करने पर मजबूर कर रही है। इशरत मामले में भी एक अधिकारी को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया जाता है, फिर उसका नाम हटाकर उसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह एफिडेविट बदलने के लिए अधिकारियों का शारीरिक व मानसिक शोषण तक किया जाता है।
बोले, पहली महिला जिहादी के साथ है कांग्रेस
राहुल पर निशाना साधते हुए अनुराग ने कहा कि जिस इशरत को आतंकी संगठन एलईटी ने अपनी पहली महिला आतंकी बताया था। उसकी मौत पर मातम मनाने वालों के साथ खड़े होकर राहुल क्या साबित करना चाहते हैं। कहा कि कांग्रेस हमेशा से देश विरोधी रही है।
जज की हिदायत पर कन्हैया बोले भारत माता की जय- जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को भी अनुराग ने आड़े हाथों लिया। कहा, जो व्यक्ति देश की सेना का सम्मान नहीं कर सकता वह देशहित क्या करेगा। उन्होंने कहा कि देश के टुकड़े करने के नारे लगाने वालों के साथ खड़े कन्हैया ने देश के जिंदाबाद के नारे जज की हिदायत के बाद लगाए। लेकिन इसके बाद भी वह देश विरोधी गतिविधियों और बयानों को देने से बाज नहीं आया।
हर दिन रंग बदलते हैं सीएम वीरभद्र सिंह- ठाकुर ने सीएम वीरभद्र को हर दिन रंग बदलने वाला बताया। कहा कि सीएम मैच के मामले में कुछ बोलते रहे, उनके अधिकारी केंद्र में कुछ और बोले और तो और एडवोकेट जनरल हाईकोर्ट में कुछ और ही बयान देते हैं। अब ऐसे में या तो सीएम की अपने अधिकारियों पर चलती नहीं, या फिर वह भूल जाते हैं कि बीते दिन उन्होंने क्या कहा।
पाकिस्तान के हाथों कौन खेला- अनुराग ने सवाल किया कि धर्मशाला मैच को लेकर हुए विवाद के बाद पहली बार पाकिस्तान को मौका मिला कि वह भारत को नीचा दिखा सके। भारत की सुरक्षा पर सवाल उठाने का मौका हिमाचल सरकार की वजह से मिला। पूछा, सीएम बताएं, मैच न होने की वजह क्या है, पाकिस्तान के हाथों कौन खेला है।
3 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बीसीसीआई सचिव ने बताया कि इस मैच को 200 से ज्यादा देशों में दिखाया जाता। इससे करीब तीन हजार करोड़ से ज्यादा की आय होती, साथ ही इतने देशों में एक बार में हिमाचल की खूबसूरती सामने आती। टूरिस्टों को फायदा होता, टैक्सी चालकों, होटल मालिकों को भी फायदा होता। कहा कि फाइनल मैच से ज्यादा लोगों में इस मैच का टिकट पाने को लेकर डिमांड थी।
मुझसे जलते हैं लोग, मेहनत नहीं देखते- अनुराग ने परोक्ष रूप से सीएम की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोग मुझे ऊपर जाता देखकर परेशान हैं। वह मुझे आगे जाते देखकर ईष्या करते हैं लेकिन कभी मेहनत नहीं देखते। मैं देश और पार्टी के लिए हर दिन इधर से उधर घूमता हूं।
मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझ जैसे छोटे से प्रदेश के वासी को आज अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को चलाने का मौका मिला है। बोले, सरकार लोगों को पीने का साफ पानी नहीं दे पाई जिसकी वजह से लोग मरते रहे। अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए सरकार ने मैच पर राजनीति शुरू की ताकि मीडिया और लोगों का ध्यान यहां से हट जाए।
मैच पर पार्टी की चुप्पी के सवाल को टाल गए अनुराग
बीसीसीआई सचिव धर्मशाला से भारत-पाक मैच शिफ्ट होने को लेकर हिमाचल सरकार पर प्रदेश का हजारों करोड़ रुपये के नुकसान और छवि खराब होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, विधानसभा से लेकर सड़क तक हर मुद्दे पर संघर्ष करने वाली उनकी पार्टी के अब तक इस मुद्दे पर न बोलने पर उनके पास कोई जवाब नहीं है।
शनिवार को तिरंगा यात्रा लेकर शिमला पहुंचे अनुराग से जब पार्टी के स्टैंड को लेकर अमर उजाला ने सवाल किया तो वह इसका जवाब टाल गए। बोले, कांग्रेस की असलियत जनता तक पहुंचाने के लिए ही तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। दरअसल, अनुराग के पास इस बात
का कोई जवाब नहीं था कि आखिर प्रदेश का कई हजार करोड़ का नुकसान होने के बाद भी आखिर भाजपा ने एक बार भी विधानसभा में मामला क्यों नहीं उठाया। हिमाचल से मैच शिफ्ट होने के पीछे के कारण पर कयास और बयानबाजी के बीच सत्ता से लेकर विपक्ष तक इसे सिर्फ वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल की अदावत का नतीजा मान रहा है।
शांता के सवाल पर भी नहीं दिया जवाब
चूंकि, मामला पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों की भावनाओं से जुड़ा है और इनकी संख्या चुनावी गणित को भी बदल सकती है। ऐसे में भाजपा चाह कर भी अनुराग का इस मुद्दे पर खुलकर पक्ष नहीं ले रही। अनुराग भी प्रदेश के इस राजनीतिक गणित को बखूबी समझते हैं। यही कारण है कि वह अकेले ही इस मैच के विवाद को ढो रहे हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार के प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के सवाल का भी उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। बोले, सैकड़ों लोग प्रधानमंत्री को पत्र लिखते रहते हैं, लेकिन कार्रवाई कितनों पर होती है सबको पता है। कहा कि मैच होना या न होना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है, इसलिए सरकार का स्टैंड मायने रखता है।