एससीए चुनाव पर आया सीएम का पहला बयान
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एचपी यूनिवर्सिटी समेत कॉलेजों एससीए चुनाव बंद करवाने को लेकर सीएम वीरभद्र सिंह ने पहली बार बयान जारी किया है। सीएम का कहना है कि चुनाव पर रोक और फीस बढ़ोतरी का फैसला प्रदेश विश्वविद्यालय और इसकी सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद का है।
एससीए चुनाव के कारण होने वाली हिंसा और माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए छात्र हित में ही ये फैसले लिए गए हैं। दोनों फैसलों में वे दखल नहीं दे सकते। राजधानी के सेंट बीड्स (गर्ल्स कॉलेज) की स्टूडेंट काउंसिल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सीएम ने ये बयान दिया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और प्रदेश के कॉलेजों में एससीए चुनाव के नाम पर जो बवाल खड़ा किया जा रहा है, इसमें छात्र हित की कहीं बात नहीं है। छात्र संघ चुनाव में हिंसा नहीं होनी चाहिए।
सेंट बीड्स से सबक लें कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंट बीड्स कॉलेज से अन्य कॉलेजों को भी सबक लेना चाहिए, जिस तरह यहां शांतिपूर्ण ढंग से स्टूडेंट काउंसिल चुनी जाती है, इसी तर्ज पर एससीए चुनी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष में सरकार ने प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में 14 नए कॉलेज खोले हैं।
समय के साथ आगे बढ़ने को रूसा जरूरी
समय के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रदेश के कॉलेजों में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) जरूरी है। कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। छात्रों को इसे समझने और अपनाने में मुश्किल पेश आ रही है, मगर यह छात्र हित में है। शिक्षक इसका विरोध इसलिए कर रहे है, क्योंकि उन्हें दस से पांच बजे तक कॉलेज में रह कर शिक्षण कार्य करना पड़ रहा है।
इसके लागू होने पर अब जून में प्रवेश लेने और दिसंबर में किताबें खरीदने के बाद मार्च में परीक्षा की तैयारी का सिस्टम नहीं चलेगा। रूसा में एक से अधिक विषय छात्र पढ़ सकते हैं, इसमें च्वाइस उपलब्ध है। उन्होंने इसे बेहतर ढंग से लागू करने के लिए विश्वविद्यालय को शुभकामनाएं दीं।