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अंग्रेजी में नकल का बोलबाला, तीन में सामूहिक नकल
अंग्रेजी में नकल का बोलबाला, तीन में सामूहिक नकल
Updated Tue, 28 Mar 2017 01:11 AM IST
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अंग्रेजी में नकल का बोलबाला, तीन में सामूहिक नकल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सूबे के मुखिया भले ही बदले, लेकिन नकल पर नकेल नहीं कसी जा सकी। नकल माफिया के आगे विभागीय अधिकारी भी पस्त पड़ गए। हाईस्कूल अंग्रेजी के पेपर में नकल का बोलबाला रहा। माडल पेपर से तो कहीं कक्ष निरीक्षक ही पेपर सोल्व कराते हुए मिले। फरह के स्कूल में तो साल्वर ही पकड़ में आए हैं। इस तरह हाईस्कूल अंग्रेजी के पेपर में तीन स्कूलों में सामूहिक नकल पकड़ी है। सचल दल प्रभारियों ने पेपर निरस्त करने और सेंटर डिबार की संस्तुति की है। राजकपूर के नेतृत्व में किशन सिंह इंटर कालेज से एक नकलची हत्थे चढ़ा।
मामला एक:
कांपी एक, लेखनी अलग-अलग
कापी एक और लेखनी अलग-अलग। जी हां, बिल्कुल सही। चौधरी रामकृष्ण मायादेवी उच्चतर माध्यमिक स्कूल मलूपुर के यही हालात मिले। जीआईसी प्रिंसिपल सत्यदेव यादव ने सुबह की पाली में यहां छापा मारा। कक्षाओं में जाकर कापियों का मिलान किया तो हुबहू मिली। परीक्षार्थियों से प्रश्न का उत्तर पूछा तो सभी बगलें झांकने लगे। कई परीक्षार्थियों की कापियों में तो हैंडराइटिंग भी अलग अलग पाई। टीम को नकल के खेल को समझते देर नहीं लगी, सख्ती से पूछा तो कक्ष निरीक्षक बोलकर सभी को पेपर सॉल्व करा रहे थे। परीक्षा निरस्त और सेंटर डिबार की संस्तुति की है।
मामला दो:
माडल पेपर से हो रही थी नकल
राजेंद्र सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोलार खुर्द में माडल पेपर से नकल हो रही थी। भारी संख्या में यहां से नकल सामग्री जब्त की है। एओ वैभव कुमार की टीम ने यहां छापा मारा तो हड़कंप मच गया। टीम को देखकर परीक्षार्थी पर्चियां और मॉडल पेपर फेंकने लगे। नकल सामग्री जब्त करते हुए कक्ष निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की। केंद्र व्यवस्थापक को हटाने और कापी की स्क्रीनिंग की संस्तुति की है। भविष्य में स्कूल को सेंटर न बनाने को भी लिखा है।
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मामला तीन:
नकल कराने को रखे हुए थे साल्वर
फरह मथुरा के श्यामलाल चौहान इंटर कालेज में नकल कराने के लिए बाकायदा साल्वर रखे हुए थे। डीडीआर की टीम ने जब यहां छापा मारा तो कक्षों में अंग्रेजी विषय स्नातक करने वाले शिक्षक मिले। कक्षों में गिरधारी लाल और सत्यपाल नामक युवक मिले, जो स्कूल में सेवारत नहीं थे, ये अंग्रेजी विषय से स्नातक थे। इसके अलावा इसी योग्यता वाले लिपिक मुकेश कुमार भी कक्ष निरीक्षक बना हुआ था। डीडीआर ने केंद्र व्यवस्थापक को हटाने और पेपर निरस्त करने की संस्तुति की है।
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सचल दल प्रभारी को जान से मारने की धमकी
राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अरुण सिंह ने डीआईओएस से शिकायत की है। इनका आरोप है कि रमगढ़ा स्थित चौधरी बाबूलाल इंटर कालेज में निरीक्षण करने गए थे। यहां प्रबंधक ने कियसी जनप्रतिनिधि से बात करने के लिए फोन पकड़ाकर यहां से जाने को कहा। टीम अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए 10:15 बजे यहां से गई। कुछ दूर चलने पर एक साइकिल सवार बुजुर्ग ने गाड़ी रोकने का इशारा किया। गाड़ी रोकी तो खुद को चौधरी बाबूलाल बताते हुए 15 दिन में जान से मारने की धमकी दी। ये धमकाता हुआ उक्त बुजुर्ग स्कूल की ओर चला गया।
परीक्षा केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाएं लिखे जाने का वीडियो वायरल
बाह। साधू सिंह गंगा सिंह इंटर कालेज खजुरियनपुरा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का केन्द्र बनाया गया है। परीक्षा केन्द्र पर उत्तर पुस्तिकाएं लिखे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तहसील मुख्यालय में हड़कंप है। केन्द्र की उत्तर पुस्तिकाएं सबसे देरी से संकलन केन्द्र पर जमा होने की रिपोर्ट के बाद भी अधिकारियों की नजर केन्द्र पर नहीं पड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बेंचों के पास जमीन पर बैठकर युवक उत्तर पुस्तिकाएं लिखकर एक के ऊपर एक रखते दिखाए गए हैं।
वीडियो गंगा सिंह साधू सिंह इंटर कालेज खजुरियनपुरा का होने का दावा किया जा रहा है। सोमवार की सुबह की पाली में हकीकत जानने के लिए अमर उजाला प्रतिनिधि केंद्र पर पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। बता दें कि बाह के आशाराम रामनिवास आदर्श इंटर कालेज को संकलन केन्द्र बनाया गया है। जहां से गंगा सिंह साधू सिंह इंटर कालेज की दूरी करीब 12 से 15 किमी है। जबकि कुछ अन्य केंद्र 22 किमी और 20 किमी दूर हैं। इन केन्द्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के बाद ही गंगा सिंह साधू सिंह इंटर कालेज की उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केन्द्र पर पहुंचती हैं। संकलन केन्द्र प्रभारी गिरजेश यादव ने बताया कि उत्तर पुस्तिका जमा होने की रिपोर्ट नियमित रूप से कंट्रोल रूम को दी जा रही है। वायरल वीडियो के संबंध में केन्द्र व्यवस्थापक बहादुर सिंह राठौर का कहना है कि उनके यहां नकल जैसा कुछ भी नहीं हो रहा है।
इस संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि वीडियो में दिखाए जा रहे स्कूल की जांच कराई जाएगी, व्हाटसएप पर प्रश्न पत्र की कोई जानकारी नहीं है। सभी सचल दलों के ताबड़तोड़ छापे के निर्देश दिए गए हैं।
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कक्ष में बंटते ही बाहर आया अंग्रेजी का पेपर
कागारौल। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा नकल विहीन संपन्न कराने का शिक्षा विभाग व प्रशासन का दावा तार-तार हो रहा है। तमाम केंद्रों पर बोल-बोलकर नकल कराई जा रही है। सोमवार को रफीद अहमद किदवई स्मारक इंटर कालेज में सुबह की पाली में अंग्रेजी का पेपर कक्ष में बंटते ही व्हाट्सएप के जरिये बाहर आ गया। बाहर लगे परीक्षार्थियों के परिवारीजन उसे हल कराने में जुट गए। इसके बाद खुद ही दीवार फांदकर परीक्षार्थियों तक नकल देने पहुंच गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना तक जरूरी नहीं समझा। नकल माफिया, केन्द्र व्यवस्थापक और विद्यालय प्रबंधक की जुगलबंदी के चलते नकल का खेल जोरों पर चल रहा है। वहीं, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों को लेकर तमाम बड़े अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
मामला एक:
कांपी एक, लेखनी अलग-अलग
कापी एक और लेखनी अलग-अलग। जी हां, बिल्कुल सही। चौधरी रामकृष्ण मायादेवी उच्चतर माध्यमिक स्कूल मलूपुर के यही हालात मिले। जीआईसी प्रिंसिपल सत्यदेव यादव ने सुबह की पाली में यहां छापा मारा। कक्षाओं में जाकर कापियों का मिलान किया तो हुबहू मिली। परीक्षार्थियों से प्रश्न का उत्तर पूछा तो सभी बगलें झांकने लगे। कई परीक्षार्थियों की कापियों में तो हैंडराइटिंग भी अलग अलग पाई। टीम को नकल के खेल को समझते देर नहीं लगी, सख्ती से पूछा तो कक्ष निरीक्षक बोलकर सभी को पेपर सॉल्व करा रहे थे। परीक्षा निरस्त और सेंटर डिबार की संस्तुति की है।
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माडल पेपर से हो रही थी नकल
राजेंद्र सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोलार खुर्द में माडल पेपर से नकल हो रही थी। भारी संख्या में यहां से नकल सामग्री जब्त की है। एओ वैभव कुमार की टीम ने यहां छापा मारा तो हड़कंप मच गया। टीम को देखकर परीक्षार्थी पर्चियां और मॉडल पेपर फेंकने लगे। नकल सामग्री जब्त करते हुए कक्ष निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की। केंद्र व्यवस्थापक को हटाने और कापी की स्क्रीनिंग की संस्तुति की है। भविष्य में स्कूल को सेंटर न बनाने को भी लिखा है।
मामला तीन:
नकल कराने को रखे हुए थे साल्वर
फरह मथुरा के श्यामलाल चौहान इंटर कालेज में नकल कराने के लिए बाकायदा साल्वर रखे हुए थे। डीडीआर की टीम ने जब यहां छापा मारा तो कक्षों में अंग्रेजी विषय स्नातक करने वाले शिक्षक मिले। कक्षों में गिरधारी लाल और सत्यपाल नामक युवक मिले, जो स्कूल में सेवारत नहीं थे, ये अंग्रेजी विषय से स्नातक थे। इसके अलावा इसी योग्यता वाले लिपिक मुकेश कुमार भी कक्ष निरीक्षक बना हुआ था। डीडीआर ने केंद्र व्यवस्थापक को हटाने और पेपर निरस्त करने की संस्तुति की है।
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सचल दल प्रभारी को जान से मारने की धमकी
राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अरुण सिंह ने डीआईओएस से शिकायत की है। इनका आरोप है कि रमगढ़ा स्थित चौधरी बाबूलाल इंटर कालेज में निरीक्षण करने गए थे। यहां प्रबंधक ने कियसी जनप्रतिनिधि से बात करने के लिए फोन पकड़ाकर यहां से जाने को कहा। टीम अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए 10:15 बजे यहां से गई। कुछ दूर चलने पर एक साइकिल सवार बुजुर्ग ने गाड़ी रोकने का इशारा किया। गाड़ी रोकी तो खुद को चौधरी बाबूलाल बताते हुए 15 दिन में जान से मारने की धमकी दी। ये धमकाता हुआ उक्त बुजुर्ग स्कूल की ओर चला गया।
परीक्षा केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाएं लिखे जाने का वीडियो वायरल
बाह। साधू सिंह गंगा सिंह इंटर कालेज खजुरियनपुरा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का केन्द्र बनाया गया है। परीक्षा केन्द्र पर उत्तर पुस्तिकाएं लिखे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तहसील मुख्यालय में हड़कंप है। केन्द्र की उत्तर पुस्तिकाएं सबसे देरी से संकलन केन्द्र पर जमा होने की रिपोर्ट के बाद भी अधिकारियों की नजर केन्द्र पर नहीं पड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बेंचों के पास जमीन पर बैठकर युवक उत्तर पुस्तिकाएं लिखकर एक के ऊपर एक रखते दिखाए गए हैं।
वीडियो गंगा सिंह साधू सिंह इंटर कालेज खजुरियनपुरा का होने का दावा किया जा रहा है। सोमवार की सुबह की पाली में हकीकत जानने के लिए अमर उजाला प्रतिनिधि केंद्र पर पहुंचे तो अफरातफरी मच गई। बता दें कि बाह के आशाराम रामनिवास आदर्श इंटर कालेज को संकलन केन्द्र बनाया गया है। जहां से गंगा सिंह साधू सिंह इंटर कालेज की दूरी करीब 12 से 15 किमी है। जबकि कुछ अन्य केंद्र 22 किमी और 20 किमी दूर हैं। इन केन्द्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के बाद ही गंगा सिंह साधू सिंह इंटर कालेज की उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केन्द्र पर पहुंचती हैं। संकलन केन्द्र प्रभारी गिरजेश यादव ने बताया कि उत्तर पुस्तिका जमा होने की रिपोर्ट नियमित रूप से कंट्रोल रूम को दी जा रही है। वायरल वीडियो के संबंध में केन्द्र व्यवस्थापक बहादुर सिंह राठौर का कहना है कि उनके यहां नकल जैसा कुछ भी नहीं हो रहा है।
इस संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि वीडियो में दिखाए जा रहे स्कूल की जांच कराई जाएगी, व्हाटसएप पर प्रश्न पत्र की कोई जानकारी नहीं है। सभी सचल दलों के ताबड़तोड़ छापे के निर्देश दिए गए हैं।
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कक्ष में बंटते ही बाहर आया अंग्रेजी का पेपर
कागारौल। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा नकल विहीन संपन्न कराने का शिक्षा विभाग व प्रशासन का दावा तार-तार हो रहा है। तमाम केंद्रों पर बोल-बोलकर नकल कराई जा रही है। सोमवार को रफीद अहमद किदवई स्मारक इंटर कालेज में सुबह की पाली में अंग्रेजी का पेपर कक्ष में बंटते ही व्हाट्सएप के जरिये बाहर आ गया। बाहर लगे परीक्षार्थियों के परिवारीजन उसे हल कराने में जुट गए। इसके बाद खुद ही दीवार फांदकर परीक्षार्थियों तक नकल देने पहुंच गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना तक जरूरी नहीं समझा। नकल माफिया, केन्द्र व्यवस्थापक और विद्यालय प्रबंधक की जुगलबंदी के चलते नकल का खेल जोरों पर चल रहा है। वहीं, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों को लेकर तमाम बड़े अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।