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अलीगढ़ः सगे भाइयों ने साथियों संग मिलकर मार डाला रिसाल को
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 20 Aug 2020 01:52 AM IST
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हत्या का खुलासा करते एसपी देहात शुभम पटेल।
- फोटो : neeraj
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गंगीरी थाना क्षेत्र के बूढ़ागांव के पास 16 अगस्त को हुई रिसाल पुत्र जमुनादास की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। रिसाल की हत्या उसके सगा भाई ज्ञान सिंह व मौसेरे भाई सूरजपाल ही निकले। सगे भाई ने मौसेरे भाई को 30 हजार रुपये में सुपारी दी थी।
दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या की मूल वजह अपने ही परिवार की एक युवती से अवैध संबंध निकलकर आए हैं। साथ में रिसाल मौज मस्ती में पूरा पैसा उड़ा रहा था। उसने खेत बेचने की भी तैयारी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। उनके पास से तमंचे भी बरामद किए हैं। अब हत्या में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि आरोपी ज्ञान सिंह पुत्र जमुनादास निवासी नगला मोहन थाना छर्रा, सूरजपाल पुत्र चोखे लाल निवासी ग्राम गालिबपुर थाना गंगीरी को ग्राम गालिबपुर की पुलिया के पास से दो तमंचों व 4 कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त ज्ञान सिंह ने ही हत्या के बाद रिसाल की हत्या संबंधी एफआईआर दर्ज कराई थी।
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पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि भाई रिसाल सिंह को उसने मौसेरे भाई सूरजपाल व जान मोहम्मद व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर मारा था। रिसाल पर कई मुकदमे दर्ज थे। वह शराब पीता था। गांव में परिवार की एक युवती से अवैध संबंध बना लिए थे। अपने हिस्से की दो बीघा जमीन का सौदा कर 60 हजार रुपये एडवांस लेकर उनसे मौज मस्ती कर रहा था। इससे रिश्तेदारी में बदनामी होने पर सूरजपाल को 30 हजार रुपये की सुपारी दी।
इसमें 15 हजार रुपये एडवांस में भी दिए थे। 16 अगस्त की शाम को उसने, सूरजपाल व जान मोहम्मद सहित एक अज्ञात व्यक्ति ने रिसाल को मक्का के खेत में ले जाकर शराब पिलाई। नशे में होने पर उसके सिर पर डंडे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव आम के बाग में छिपाया था।
हत्या का मुकदमा स्वयं इसलिए दर्ज कराया, जिससे कि किसी को शक न हो। एसपी देहात के मुताबिक सूरजपाल व ज्ञान सिंह को जेल भेज दिया है। दो अन्य हत्यारों की तलाश जारी है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, एसआई नौशाद अली खान, राहुल चौधरी, प्रशांत, कांस्टेबल दिनेश कुमार, मोंटू कुमार शामिल रहे।
दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या की मूल वजह अपने ही परिवार की एक युवती से अवैध संबंध निकलकर आए हैं। साथ में रिसाल मौज मस्ती में पूरा पैसा उड़ा रहा था। उसने खेत बेचने की भी तैयारी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। उनके पास से तमंचे भी बरामद किए हैं। अब हत्या में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि आरोपी ज्ञान सिंह पुत्र जमुनादास निवासी नगला मोहन थाना छर्रा, सूरजपाल पुत्र चोखे लाल निवासी ग्राम गालिबपुर थाना गंगीरी को ग्राम गालिबपुर की पुलिया के पास से दो तमंचों व 4 कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त ज्ञान सिंह ने ही हत्या के बाद रिसाल की हत्या संबंधी एफआईआर दर्ज कराई थी।
पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि भाई रिसाल सिंह को उसने मौसेरे भाई सूरजपाल व जान मोहम्मद व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर मारा था। रिसाल पर कई मुकदमे दर्ज थे। वह शराब पीता था। गांव में परिवार की एक युवती से अवैध संबंध बना लिए थे। अपने हिस्से की दो बीघा जमीन का सौदा कर 60 हजार रुपये एडवांस लेकर उनसे मौज मस्ती कर रहा था। इससे रिश्तेदारी में बदनामी होने पर सूरजपाल को 30 हजार रुपये की सुपारी दी।
इसमें 15 हजार रुपये एडवांस में भी दिए थे। 16 अगस्त की शाम को उसने, सूरजपाल व जान मोहम्मद सहित एक अज्ञात व्यक्ति ने रिसाल को मक्का के खेत में ले जाकर शराब पिलाई। नशे में होने पर उसके सिर पर डंडे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव आम के बाग में छिपाया था।
हत्या का मुकदमा स्वयं इसलिए दर्ज कराया, जिससे कि किसी को शक न हो। एसपी देहात के मुताबिक सूरजपाल व ज्ञान सिंह को जेल भेज दिया है। दो अन्य हत्यारों की तलाश जारी है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, एसआई नौशाद अली खान, राहुल चौधरी, प्रशांत, कांस्टेबल दिनेश कुमार, मोंटू कुमार शामिल रहे।