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Ambedkar Nagar News: फीडर जलने से नौ घंटे गुल रही 20 गांवों की बिजली

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 10:43 PM IST
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Electricity in 20 villages remained off for nine hours due to a feeder burning
ट्रांसफार्मर वर्कशाप अकबरपुर में ट्रांसफार्मर की मरम्मत करता मैकेनिक। संवाद - फोटो : सेमरी चौराहे के निकट ई रिक्शा के छत पर बैठे लोग।
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अंबेडकरनगर। भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली खपत के कारण जिले में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, जिससे कई गांवों और मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। बुधवार को फीडर जलने से 20 गांवों की बिजली करीब नौ घंटे ठप रही।

महरुआ बिजली घर से नसीरपुर, पतौना और महरुआ तीन बिजली घर संचालित होते हैं। बुधवार सुबह सात बजे पतौना फीडर जल गया। जिसके बाद इससे संचालित हीड पकड़िया, सरग़पुर, किशनीपुर, सारखने, आदमपुर, हुसैनपुर, जमालपुर, आनंद नगर, खजूरी, नेनुआ, रामचौरी,दांदूपुर, जयसिंहपुर, दुर्गापुर,आदमपुर तिंदौली, रामपुर चौरी, बरामदपुर लोहरा सहित करीब 20 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुबह नौ बजे कुछ दूर के लिए दूसरे बिजली घर से आपूर्ति दी गई। इसके बाद आपूर्ति दोबार ठप हो गई। शाम चार बजे फीडर को ठीक कर आपूर्ति बहाल की जा सकी।
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अकबरपुर पर बिजली घर पर भी दिन में कई बार बिजली कटौती का दौर जारी रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं बुधवार की रात अकबरपुर का सद्दरपुर बिजली घर रात आठ बजे ओवरलोड के चलते बंद हो गया जिससे आपूर्ति सुचारू होने में करीब एक घंटा लगा। इसके बाद साउथ वेस्ट बिजली घर से जुड़े शहरी व 30 गांवों की बिजली रात नौ बजे गुल हो गई जो 10 बजे बहाल हो पाई। इसी तरह कुर्की बिजली घर की आपूर्ति भी रात 10:10 बजे ठप हो गई। टांडा और सेवागंज क्षेत्रों में खंभे टूटने के कारण बाधित हुई आपूर्ति देर रात सुचारू कराई जा सकी लेकिन इसके बाद भी फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है।
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20 हजार से अधिक ट्रांसफार्मरों पर भारी लोड
आंकड़ों के अनुसार, 27 मई तक जिले में गर्मी के कारण ओवरलोड की तपन से 83 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। गर्मी में बिजली की मांग 90-100 मेगावाट से बढ़कर 110-120 मेगावाट या उससे अधिक हो गई है। इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए 20 हजार से अधिक ट्रांसफार्मरों पर भारी लोड पड़ रहा है जिसके परिणामस्वरूप तार टूट रहे हैं, फ्यूज उड़ रहे हैं और ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। मई माह में 83 ट्रांसफार्मरों के फुंकने से कई गांवों और मोहल्लों में दो से चार दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।

भूमिगत तारों की योजना ठंडे बस्ते में
दो साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने रोडवेज से लेकर पटेलनगर तिराहे तक के बिजली के तारों को भूमिगत करने के निर्देश दिए थे और इसकी कार्ययोजना भी बनाई गई थी। हालांकि, यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई और जिले में कहीं भी बिजली के तारों को भूमिगत नहीं किया गया है। नगर पालिका अकबरपुर के मोहल्लों में एबीसी केबल से आपूर्ति दी जा रही है लेकिन मुख्य मार्गों पर हाईटेंशन व अन्य खुले बिजली के तारों से आपूर्ति हो रही है।



इंसुलेटेड केबल की आवश्यकता

आंधी और तूफान के दौरान टूटे बिजली के तार और जलते ट्रांसफार्मर जानलेवा हादसों का कारण बनते हैं। इनसे बचने और बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए इंसुलेटेड केबल बेहद जरूरी हैं। ये न केवल हादसों को रोकती हैं, बल्कि बिजली की चोरी और फॉल्ट की समस्या को भी कम करती हैं। इसके बावजूद, जिला मुख्यालय को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी 70 प्रतिशत जगहों पर खुले बिजली के तारों से ही आपूर्ति दी जा रही है।

की जा रही नियमित निगरानी
ग्रामीण क्षेत्रों में खुले तारों को धीरे-धीरे इंसुलेटेड केबल में बदलने का कार्य कराया जाएगा। बिजली तारों को भूमिगत कराने की अभी कोई योजना नहीं बनी है। ट्रांसफार्मरों की नियमित निगरानी की जा रही है। इस माह आंधी के चलते बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए सभी अभियंता व अन्य कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं।



रजनीश कुमार श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता
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