शनिदेव मंदिर बना रणक्षेत्र: पुजारी को लेकर बवाल, दो पक्षों में हाथापाई, नाराज लोग धरने पर बैठे; पहुंची फोर्स
UP News: शनिदेव शक्ति पीठ मंदिर में पूजा-पाठ के अधिकार को लेकर शनिवार को दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। कहासुनी के बाद हाथापाई की स्थिति बन गई, जिसके चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। ट्रस्ट के पुजारी को पूजा की अनुमति मिलने से नाराज ग्रामीण धरने पर बैठ गए। मौके पर तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस व्यवस्था संभाले रही।
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Azamgarh News: बिलरियागंज थाना क्षेत्र के दान शनिचरा स्थित शनिदेव शक्ति पीठ मंदिर में पुजारी और पूजा-पाठ के अधिकार को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को एक बार फिर उग्र हो गया। मंदिर में पूजा कराने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई और गाली-गलौज में बदल गई। सूचना पर मौजूद पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल ट्रस्ट द्वारा नियुक्त पुजारी को ही मंदिर में पूजा-पाठ की अनुमति दी गई है, जिससे नाराज ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं।
मंदिर में पूजा-पाठ और प्रबंधन को लेकर पिछले तीन-चार महीनों से विवाद चल रहा है। शनिवार को ग्रामीणों के एक गुट ने दूसरे पक्ष के पुजारी को मंदिर में प्रवेश करा दिया। इसका विरोध होने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर के बाहर एकत्र हो गए। सुबह हुए विवाद के बाद पुलिस ने किसी तरह स्थिति को शांत कराया, लेकिन कुछ समय बाद मंदिर परिसर में फिर तनाव की स्थिति बन गई। इस दौरान शनिदेव ट्रस्ट के एक पदाधिकारी और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई।
माहौल बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस द्वारा ट्रस्ट के पुजारी को पूजा कराने की अनुमति दिए जाने से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। इसके विरोध में ग्रामीण मंदिर परिसर के बगल में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर विवाद का स्थायी समाधान नहीं करता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने दावे : ट्रस्ट द्वारा नियुक्त पुजारी पन्नालाल मिश्र का कहना है कि मंदिर उनके निजी भवन से सटा हुआ है और उनके परिवार के लोग वर्षों से यहां पूजा-पाठ करते आ रहे हैं। उन्होंने दूसरे पक्ष के दावों को निराधार बताया।
वहीं दूसरे पक्ष के पुजारी राजेश मिश्र ने दावा किया कि वह पिछले करीब दस वर्षों से मंदिर में नियमित रूप से पूजा-पाठ करा रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले तीन-चार महीनों से उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। शनिवार को ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर पहुंचने पर विरोधी पक्ष ने उनके साथ मारपीट की।
मामला उपजिलाधिकारी के संज्ञान में है। ट्रस्ट के अभिलेखों के अनुसार मंदिर में पुजारी की नियुक्ति की गई है, जबकि गांव के कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। - अमित कुमार मिश्र, थाना प्रभारी बिलरियागंज।