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Banda News: शिवानी हत्याकांड की विवेचना बदौसा से फतेहगंज थाने में हस्तांतरित
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:24 PM IST
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बांदा। बदौसा थाने के परिसर में 19 वर्षीय शिवानी की उसके पिता द्वारा की गई चाकू से वार कर हत्या के मामले की विवेचना अब बदौसा थाने से हटाकर फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा को सौंपी गई है। यह फैसला पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने थाने में हुई इस गंभीर घटना में पुलिसकर्मियों की लापरवाही को गंभीरता से लिए जाने के बाद उठाया गया है। इससे पहले तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक सुरेंद्र मिश्रा और महिला कांस्टेबल राखी को लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर किया जा चुका है।
यह मामला 18 मई को शुरू हुआ जब बरछा-बा गांव निवासी शिवानी अपने पड़ोसी युवक ललित वर्मा के साथ घर से चली गई थी। दोनों अलग-अलग जाति के हैं। शिवानी की मां रन्नो देवी की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 13 जून को पुलिस ने दोनों को मध्य प्रदेश के बरौंधा क्षेत्र से बरामद कर बदौसा थाने लाया गया था। थाने में काउंसलिंग के दौरान शिवानी ने खुद को बालिग बताते हुए ललित वर्मा के साथ रहने की इच्छा जताई। इसी बात पर शिवानी के पिता सत्यकुमार ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक और महिला कांस्टेबल को 14 जून को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही, मामले की विभागीय जांच अतर्रा सर्किल से हटाकर सीओ सदर सौरभ सिंह को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
सीओ सदर सौरभ सिंह ने बताया कि घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के अलावा, युवक-युवती के परिजनों और अन्य संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी कर सोमवार को उनके बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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इधर, शिवानी हत्याकांड की विवेचना अब फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा को सौंपी गई है। हालांकि, उन्होंने बताया कि उन्हें विवेचना हस्तांतरित कर दी गई है, लेकिन अभी तक उन्हें संबंधित अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं।
यह मामला 18 मई को शुरू हुआ जब बरछा-बा गांव निवासी शिवानी अपने पड़ोसी युवक ललित वर्मा के साथ घर से चली गई थी। दोनों अलग-अलग जाति के हैं। शिवानी की मां रन्नो देवी की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 13 जून को पुलिस ने दोनों को मध्य प्रदेश के बरौंधा क्षेत्र से बरामद कर बदौसा थाने लाया गया था। थाने में काउंसलिंग के दौरान शिवानी ने खुद को बालिग बताते हुए ललित वर्मा के साथ रहने की इच्छा जताई। इसी बात पर शिवानी के पिता सत्यकुमार ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक और महिला कांस्टेबल को 14 जून को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही, मामले की विभागीय जांच अतर्रा सर्किल से हटाकर सीओ सदर सौरभ सिंह को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
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सीओ सदर सौरभ सिंह ने बताया कि घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के अलावा, युवक-युवती के परिजनों और अन्य संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी कर सोमवार को उनके बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, शिवानी हत्याकांड की विवेचना अब फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा को सौंपी गई है। हालांकि, उन्होंने बताया कि उन्हें विवेचना हस्तांतरित कर दी गई है, लेकिन अभी तक उन्हें संबंधित अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं।