सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   hen came the issue of Trident Central Command officers were summoned by Commissioner

त्रिशूल का मुद्दा सेंट्रल कमांड पहुंचा तो कमिश्नर ने तलब किए अफसर

बरेली Updated Fri, 22 Jan 2016 12:06 AM IST
विज्ञापन
hen came the issue of Trident Central Command officers were summoned by Commissioner
विज्ञापन
बरेली। त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा का मामला सेंट्रल कमांड पहुंचा तो कमिश्नर ने पुलिस, प्रशासनिक, बीडीए और नगर निगम के अधिकारियों को तलब कर लिया। सभी अफसरों को 10 फरवरी तक त्रिशूल की बाउंड्रीवाल के चारों ओर 50 मीटर तक जमीन को साफ कराने के लिए कहा गया है। इसके आसपास के मकानों का विस्तार से सर्वे करने के लिए बीडीए, पीडब्लूडी, तहसील और नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शेष पचास मीटर से अवैध कब्जा दूसरे फेज में हटाया जाएगा।

त्रिशूल की सुरक्षा के मुद्दे पर हीलाहवाली की खबर अमर उजाला में छपने के बाद  कमिश्नर प्रमांशु कुमार द्वारा कार्यालय कक्ष में गुरुवार को बुलाई गई बैठक में सेना के अधिकारी भी मौजूद थे। बीडीए, तहसील, नगर निगम, पीडब्लूडी के अधिकारियों को संयुक्त रूप से कहा गया है कि वे खाली जमीन, निर्माण आदि का नजरी नक्शा तैयार कर लें। यह भी परीक्षण करा लें कि इस जमीन का मालिक कौन है। कौन - कौन सी जमीन का विवाद किस न्यायालय में विचाराधीन है। आसपास के इलाकों में खाली जमीन पर भविष्य में किसी भी तरह का कब्जा और निर्माण न हो, यह जिम्मेदारी नगर निगम और बीडीए को सौंपी गई है। नगर निगम की ओर से प्रतिबंधित मकानों पर निर्धारित किए गए हाउस टैक्स के बारे में भी जानकारी की गई। जो टैक्स नियमों के विपरीत लगा हो, उसे निरस्त करने के निर्देश दिए गए। अब तक हुए अवैध निर्माण को लेकर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले दिनों पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद वायु सेना ने त्रिशूल की सुरक्षा के लिए एक्शन प्लान बनाने और अवैध कब्जों को ध्वस्त कराने के बारे में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग न मिलने का ब्योरा कमांड को भेज दिया था। जिसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो बैठक बुलाकर लापरवाह अफसरों के पेच कसे गए।
विज्ञापन
Trending Videos


कमिश्नर का बयान
‘पहले फेज में 50 मीटर तक का रास्ता बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने हैं। इसके बाद ही अगले फेज में 100 मीटर तक के अवैध कब्जे हटाने का अभियान चलाएंगे। एक साथ 100 मीटर लेने पर कई तरह की परेशानी हो सकती हैं, इसीलिए इस मामले में दो फेज में काम करने का फैसला लिया है।’ प्रमांशु कुमार, कमिश्नर

 चीन से मोर्चा लेने के लिए बने त्रिशूल को खतरा
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने अभी हाल में गणतंत्र दिवस के मद्देनजर त्रिशूल को लेकर अटर्ल जारी किया है। जिसमें कहा है कि त्रिशूल एयरबेस को बरेली में चीन के नजदीक होने के कारण मोर्चा लेने के लिए बनाया गया है। इसे चीन से खतरा बना हुआ है। किसी न किसी तरह आंतकवादियों की नजर इस एयरबेस पर बनी हुई है। इसीलिए यहां की हाई सुरक्षा कराई जानी चाहिए।


नगर निगम और तहसील ने बनाई टीमें
बरेली। त्रिशूल के आसपास सर्वे और मकानों की हकीकत का पता करने के लिए तहसीदार सदर और नगर आयुक्त ने चार टीमें बना दी हैं। ये टीमें 15 दिन में सर्वे करके 20 फरवरी को कमिश्नर के यहां अपनी रिपोर्ट देंगी। इस टीम में वायु सेना के अधिकारी भी शामिल होंगे। सेना भी अपने यहां इस रिकार्ड को रखेगी और उसकी हकीकत भी पता होती रहेगी। उसी के बाद इन अवैध कब्जों को ध्वस्त करने का अभियान चलाया जाएगा।
तहसीलदार सदर ने भी वहां रहने वाले अपने स्तर से वहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का जनगणना के आधार पर मिलान कराने के लिए टीम बनाई है। जनगणना का इस समय सप्लीमेंट्री सर्वे किया जा रहा है। जिसमें यह देखा जाएगा कि दो साल पहले कौन कौन रह रहे थे, इनमें से इस समय कौन नहीं हैं और कौन नए लोग रहे हैं। इन सभी परिवारों का पुलिस सत्यापन करेंगी। दूसरे शहरों में रहने वालों का भी वहां की पुलिस से उनके चरित्र का सत्यापन कराने का फैसला लिया है।


दस साल से चिट्ठी लिख रही वायु सेना
बरेली। त्रिशूल के आसपास और बाउंड्रीवाल के चारों ओर सड़क बनवाने के लिए वायुसेना 10 साल से कोशिश कर रही है। प्रशासनिक और सेना में उपलब्ध अभिलेख बताते हैं कि प्रतिबंधित इलाकों में अवैध कब्जे होने के समय से ही त्रिशूल एयरबेस के अधिकारियों ने आपत्तियां दर्ज कराईं थीं। करीब दस साल से डीएम-एसएसपी को पत्राचार किए गए। कमिश्नरी में भी पत्र भेजे गए। कई दौर की बैठकें भी चलीं लेकिन स्थानीय स्तर पर मदद नहीं मिली। दो साल पहले शासन में सेना के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय हुआ कि त्रिशूल एयरबेस की बाउंड्रीवाल के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में किसी भी तरह का निर्माण न हो। सेना और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग के लिए रोड भी बनेगी। इस आदेश को दो साल हो गए लेकिन कुछ नहीं हुआ। पिछले महीने पठानकोट में एयरबेस पर हमला तथा बरेली में रह रहे आईएसआई एजेंट इजाज की गिरफ्तारी के बाद सक्रियता जरूर दिखाई दी। लेकिन यह भी पुलिस प्रशासन की शिथिलता के कारण ठंडे बस्ते में पड़ती नजर आ रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed